दिनांक: 27 अप्रैल 2026
स्थान: धनोल्टी तहसील
आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को धनोल्टी तहसील में विभिन्न क्षेत्रों से आए गौभक्तों का एक प्रतिनिधिमंडल (शिष्टमंडल) एकत्रित हुआ। इस शिष्टमंडल द्वारा माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राष्ट्रपति, प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदय को गौ सम्मान के संबंध में एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से यह निवेदन किया गया कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा हमारे वेद, शास्त्र, पुराण एवं उपनिषदों में गौमाता को सदैव “माता” के रूप में ही वर्णित किया गया है। अतः उसी भावना का सम्मान करते हुए भारत के संविधान में भी गौमाता को “राष्ट्रमाता” का संवैधानिक दर्जा प्रदान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने निवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि यदि गौमाता को संवैधानिक रूप से माता का दर्जा प्राप्त हो जाता है, तो समाज में स्वतः ही उनके प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना सुदृढ़ होगी। इससे गौवंश को सड़कों पर भटकने, कूड़ा-करकट खाने जैसी पीड़ादायक स्थितियों से मुक्ति मिलेगी तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
साथ ही यह भी मांग की गई कि गौमाता को उचित सम्मान मिलने से देशभर में गोहत्या पर पूर्णतः रोक लगेगी और भारतवर्ष से इस कलंक का अंत होगा, जिससे राष्ट्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक संभ्रांत नागरिक,बाबा दामोदरदास अनुसूया प्रसाद उनियाल ,प्रवीण सकलानी विवेक सकलानी सीता मानवन जिला पंचायत सदस्य भुत्सी, विनीता उनियाल ग्राम प्रधान उनियाल गांव शिवराज उनियाल ,सोबन सिहं,सरोपसिंह ग्राम प्रधान मरोड़ा, रश्मि सकलानी ग्राम प्रधान हवेली सोमवती सकलानी क्षेत्र पंचायत सदस्य उनियाल गांव राकेश उनियाल सदस्य अन्य पिछड़ा वर्ग उत्तराखंड,
सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौसेवक उपस्थित रहे,
अंत में शिष्टमंडल ने आशा व्यक्त की कि शासन-प्रशासन इस मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।



