श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बन्द करते हुए मन्दिर कार्याधिकारी यनपी जमलोकी एंव उपजिलाधिकारी चौहान ऊखीमठ ,इस अबसर पर रावल श्री श्री भीमाशंकर लिंगम मुख्य पूजारी गंगाधर लिंगम ई गिरीश चन्द्र देवली लेखाधिकारी राजकुमार नोटियाल ,दफ्तरी, पुष्पबाण जागरूक यात्रियों की स्वास्थ्य सेवा में सदैव तत्पर रहने वाले फर्मेसिष्ट लोकेंद्र रूवारी ,डॉ हरीश गौड़ मीडिया प्रभारी आदि बड़ी संख्या में मौजूद हैं ।श्रद्धालुओं ने जय केदारनाथ के जयकारों से गूंज य मान केदारनाथ से 6माह अलग रहने के दृष्य से भावुक होते दिखाई देरहे हैं।
भैया दूज के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकालीन के लिए हुए बंद , अब श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन नवनिर्मित मां यमुना मंदिर खरसाली में होंगे i
Fri Nov 9 , 2018
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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

