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उत्तराखंड पत्रकार संयुक्त संघर्ष समिति का धरना पांचवे दिन जारी रहा है

Pahado Ki Goonj

देहरादून,आंदोलन के सूत्रधार एवं संयोजक शिव प्रसाद सेमवाल बरिष्ट पत्रकार ने कहा कि उत्तराखंड पत्रकार संयुक्त संघर्ष समिति का धरना पांचवे  दिन संजीव पन्त की अध्यक्षता में  जारी रहा। महानिदेशक कार्यालय के स्वागत कक्ष के बाहर सीढ़ी के आगे सूचना भवन रिंग रोड़ पर बड़ी संख्या पत्रकार पहुंचे  में पहुंचे। विभिन्न यूनियनों से जुड़े पत्रकारों ने एक सुर में सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ झंडा डंडा बुलंद किया।

आज यह निर्णय लिया गया कि कल एक धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा, इसके अलावा शाम 6:30 बजे से गांधी पार्क से घंटाघर तक मशाल जुलूस भी निकाला जाएगा।

पत्रकारों ने इस बात के प्रति भी खासा आक्रोश जताया कि पहले सरकार के प्रतिनिधियों तथा सूचना विभाग के अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि नियमावली को मनमाने ढंग से तोड़ने पर अधिकारियों के स्तर से गलती हुई है, अतः नियमावली के खिलाफ जाकर श्री देव सुमन से संबंधित जो विज्ञापन जारी होने में चूक की गई है वह विज्ञापन मसूरी कॉन्क्लेव के अवसर पर जारी होने वाले विज्ञापन में इसकी प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी तथा यह भी सरकार तथा सूचना विभाग की ओर से अपील की गई थी कि मसूरी कॉन्क्लेव में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आने के मद्देनजर 28 तारीख को कोई भी धरना प्रदर्शन न किया जाए। पत्रकारों ने सरकार का रुख देखते हुए 28 तारीख को अपना धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित रखा लेकिन अफसोस इस बात का हुआ कि मसूरी कॉन्क्लेव के बीतते ही 29 तारीख को सरकार तथा अफसरों ने फिर से पुराना अड़ियल रवैया अख्तियार कर दिया।

इस कार्यक्रम में सोशल मीडिया के इंपैक्ट पर शोध कर रहे पत्रकार प्रवीण भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न देशों की तरह भारत में भी वर्तमान दौर जन सरोकारों वाली पत्रकारिता करने वालों के लिए खतरों से भरा हुआ है। सभी जगह आम आदमी की बात कहने वाले पत्रकार सरकारों के निशाने पर हैं। 

पौड़ी जिले से धरना स्थल पर पधारे ‘जागो उत्तराखंड’ प्रकाशन के संपादक आशुतोष नेगी ने कहा कि पूरे राज्य के पत्रकार नियमावली को मनमाने ढंग से बदले जाने के सख्त खिलाफ हैं और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

आज के कार्यक्रम में एक और पत्रकार यूनियन ‘वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया’  ने भी संयुक्त संघर्ष समिति में अपना समर्थन व्यक्त किया। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के प्रदेश महामंत्री सुनील गुप्ता ने कहा कि वह भी पत्रकारों के साथ की जा रही मनमानी के खिलाफ संघर्षरत हैं और इस मनमानी के खिलाफ मिलकर लड़ा जाएगा।

सभी पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि उनकी बस एक छोटी सी मांग है कि पत्रकारों के लिए बनाई गई नियमावलियों का उल्लंघन न किया जाए लेकिन अड़ियल सरकार कुछ सुनने को राजी नहीं, लिहाजा सरकार के कान खोलने के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा और किसी भी सूरत में पत्रकारों के साथ अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे किसी भी हद तक जाना पड़े। धरने पर बरिष्ट पत्रकार संघर्ष समिति के संरक्षक जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि सूचना से मिलने वाले विज्ञापन में  हम लोगों का घर नहीं चलता हमे अपने संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में कार्यरत निर्माण कम्पनियों, हॉस्पिटल, विद्यालय उद्योगों ,होटलों ,व्यपारियो ,ट्रांसपोर्ट ,ट्रैवल एजंसियों से उनके जारी होने वाले  प्रचार प्रसार के विज्ञापन के लिए सम्पर्क कर साल भर के राष्ट्रीय ,प्रदेश के पर्वों पर  समिति के पूल में इकट्ठा कर समान रूप से आंबटन करना चाहिए इससे हमारे प्रतिष्ठनो की शाक में जहां  बृद्धि होगी वहीं आय में बृद्धि होने से आपको भविष्य में यहां बैठने की आवश्यकता नहीं होगी आपको सरकार खुद व खुद विज्ञापन देने के लिए आएगी तब हमारे बणिज्य दर से प्रकाशित करने के लिए सूचना विभाग को बाध्य कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने जीवन में किये गए आंदोलन के खट्टे मीठे अनुभव से आंदोलन कारियों के अन्दर जोश भरा, धरने पर संचालन बरिष्ट पत्रकार अलोक शर्मा ने किया अंत में धरने पर

आज के धरना प्रदर्शन में 3 दर्जन से अधिक पत्रकार शामिल हुए। पत्रकारों की सूची अबलोकन कर जल्दी सब लोगों को समय से पहुचने के लिए उनको फोन करने के लिए डाल दी गई है।

आज का आंदोलन 11से 1 बजे तक धरना प्रदर्शन सूचना भवन पर  सायम के समय मशाल जलूस गान्धी पार्क से घण्टा घर तक।

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