दो सगे भाइयों ने की एक लड़की से शादी ……..
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के सिलाई क्षेत्र में हुई एक शादी चर्चा में है, जिसमें दो सगे भाइयों ने एक लड़की से शादी की है। पूरी परंपरा और धूमधाम के साथ। हिमाचल के हाटी समुदाय में कभी यह परंपरा आम थी, जिनको गिरिपार कहा जाता है, और जो खस संस्कृति से संबंधित है।

खस संस्कृति और परिवार व्यवस्था में सदियों तक ऐसा होता रहा है। पांडवों वाली कथा से तो सब परिचित हैं। ऐसा भी नहीं है कि हाटी समुदाय से संबंधित हिमाचल का यह परिवार किसी जनजातीय या आदिम युग में रह रहा हो। दोनों भाई और उनके परिवार के लोग पढ़े लिखे हैं और व्याह करने वाली लड़की भी। एक भाई विदेश में नौकरी कर रहा है तो दूसरा सरकारी विभाग में।
अब आपको एक घटना से परिचित कराता हूं। कॉलेज के समय पर एक बार हम चार साथी जौनपुर विकासखंड के 40 गांव में सर्वेक्षण के लिए पहुंचे। हमें एक फॉर्मेट भरना होता था। तो, एक गांव में पहुंचे और फॉर्मेट भरना शुरू किया। परिवार के मुखिया का नाम फिर उनकी पत्नी का नाम, फिर बच्चों के नाम।
जब भाइयों ने एक-एक कर अपनी पत्नी का नाम एक ही बताना शुरू किया तो हमने उनकी तरफ देखा फिर जो हमारे साथ सहयोग कर रहे थे उन्होंने बताया कि यहां कुछ परिवारों में अभी यह परंपरा है। हालांकि हम उस बात से पहले परिचित थे। मुझे अब भी याद है कि इसमें सबसे बड़ा भाई शायद 35 – 40 की उम्र का रहा होगा और सबसे छोटा हमारी अर्थात 20 – 22 साल की उम्र का। दो-तीन भाई वहीं पर मौजूद थे।
इसके अलावा जौनसार के एक और परिवार को मैं जानता हूं जिसमें तीन पति रहे हैं। खस परंपरा में बहुपति और बहूपत्नी प्रथा अलग-अलग समय और फिर एक साथ भी मौजूद रही है और यह खस कानून में मान्यता प्राप्त भी रहा है। तिब्बत से लेकर नेपाल तक जहां तक यह संस्कृति रही वहां तक यह प्रथा भी पहुंची।
मुख्य रूप से परिवार और खेती को बटनें से रोकने के लिए यह प्रथा चली होगी। हालांकि हिमाचल में अब भी छुटपुट ऐसे विवाह होते हैं लेकिन सिलाई का यह विवाह खूब धूम – धड़ाके के साथ और पढ़े-लिखे परिवार में हुआ है। इसलिए अब मीडिया – सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है
और इतना लिख लेने के बाद, अब दोनों भाई प्रदीप नेगी और कपिल नेगी व बहू सुनीता को अनंत शुभकामनाएं …….. प्रताप थलवाल
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