
सतर्कता अपील: जिलाधिकारी के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से रहें सावधान ।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों द्वारा बनाए गए इन फर्जी अकाउंट्स से आम नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर तथा संदेशों के माध्यम से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है, जो कि गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में भी स्पष्ट किया जा चुका है कि
➡️ जिलाधिकारी की आधिकारिक फेसबुक आईडी से किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से न तो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है और न ही निजी संदेश किया जाता है।
अतः आम नागरिकों से अपील है कि—
जिलाधिकारी के नाम, फोटो अथवा मिलते-जुलते नाम से आने वाली किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें
ऐसे किसी भी अकाउंट से यदि धन की मांग या संदिग्ध संदेश प्राप्त हो, तो उसे तुरंत नज़रअंदाज़ करें
किसी भी स्थिति में पैसे, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
जिला प्रशासन पुनः स्पष्ट करता है कि जिलाधिकारी कार्यालय या स्वयं जिलाधिकारी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी व्यक्ति से व्यक्तिगत संपर्क नहीं किया जाता और न ही किसी प्रकार की धनराशि की मांग की जाती है।
यदि किसी नागरिक को इस प्रकार की फर्जी आईडी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस थाना या साइबर सेल/साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें, ताकि साइबर अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

