
पेपर लीक केस की सीबीआई जांच हुई तो 12 घंटे में गिर जाएगी सरकारः करण
देहरादून ।
यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) पेपर लीक का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। अब इस मामले में विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा नेतृत्व में कांग्रेसियों ने गांधी पार्क में बेरोजगारों के समर्थन में धरना दिया।इस दौरान कांग्रेस ने सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग उठाई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि धामी सरकार की मंशा पेपर लीक मामले की सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) जांच कराने की नहीं है। अगर इस मामले की सीबीआई जांच होती है तो 12 घंटे के भीतर सरकार गिर जाएगी।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार पेपर लीक मामले की एसआईटी जांच करा रही है, लेकिन एसआईटी सरकार के इशारे पर काम करेगी। इसमे पकड़े जाने वाले लोगों के संबंध भाजपा के साथ रहे हैं। तब कैसे माना जा सकता है कि बेरोजगारों को न्याय मिलेगा।साल 2021 में भी गिरफ्तार हुआ था नकल माफिया हाकम सिंहरू करन माहरा ने कहा कि इससे पहले भी कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह को पुलिस ने साल 2021 में पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार किया था। उसी तरह पटवारी, एई और जेई भर्ती परीक्षा के पेपर लीक करने पर मंगलौर के पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष को एसआईटी ने अरेस्ट किया था। अब की बार दोबारा भर्ती पेपर लीक मामले में हाकम सिंह गिरफ्तार हुआ है। इस बार फिर पेपर लीक के तार भाजपा की तरफ जुड़ रहे हैं।करन माहरा का आरोप है कि हरिद्वार में जिस संस्थान से पेपर लीक हुआ, वह संस्थान भी भाजपा नेता का ही है। तब कैसे माना जा सकता है कि एसआईटी निष्पक्षता से जांच कर पाएगी। माहरा ने कहा कि यहां तो हाकम सिंह को संरक्षण देने वाले मगरमच्छों के अलावा बड़ी मछली का नाम भी पेपर लीक में आ रहा है। उन्होंने बड़ा बयान दिया कि अगर इस मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच हो गई, उस दिन बड़ी मछली का नाम आते ही 12 घंटे के भीतर भाजपा सरकार गिर जाएगी। दरअसल, बीती 21 सितंबर रविवार को यूकेएसएसएससी ने स्नातक स्तरीय पदों की लिखित परीक्षा आयोजित कराई थी। ये परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही प्रश्न पत्र के तीन पन्ने बाहर आते है, जिसको लेकर हड़कंप मच जाता है। मामले की जांच की गई तो सामने आया है कि प्रश्न पत्र के तीनों पन्ने हरिद्वार के एक एग्जाम सेंटर से लीक हुए थे। पुलिस की जांच में अभी तक जो सामने आया है, उसके अनुसार हरिद्वार के जिसे एग्जाम सेंटर से प्रश्न पत्र के तीनों पन्ने लीक हुए है, वहीं पर मुख्य आरोपी खालिद पेपर दे रहा था। खालिद ने ही प्रश्न पत्र के तीनों पन्नों की फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजा था। साबिया ने वो फोटो प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजे थे। यहीं से पूरा मामला खुला था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी खालिद और उनकी बहन साबिया को गिरफ्तार किया है।
आईपीएस रचिता जुयाल का इस्तीफा मंजूरजल्द ही शासकीय कार्यों से हो जाएंगी अवमुक्त।
देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी रचिता जुयाल का इस्तीफा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है। इसके बाद अब जल्द ही वो शासकीय कार्यों से अवमुक्त हो जाएंगी। उधर आईपीएस अफसर बीवीआरसी पुरुषोत्तम की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन पर सस्पेंस बरकरार है।प्रदेश में पिछले दिनों दो अधिकारियों की अपनी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन खासा चर्चाओं में रहा। इसमें पहले आईएएस अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम थे तो दूसरी अधिकारी आईपीएस रचिता जुयाल थीं। ताजा खबर यह है कि लंबे समय के बाद आखिरकार तमाम औपचारिकताओं को पूरा करते हुए रचिता जुयाल का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है।रचिता जुयाल साल 2015 की आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की इच्छा जाहिर की थी। इस मामले में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके इस आवेदन को मानते हुए त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। करीब 3 महीने पहले जून में रचिता ने वीआरएस का आवेदन किया था। फिलहाल आईपीएस रचिता जुयाल सीओ विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रही है। ।खास बात यह भी है कि आईपीएस रचिता जुयाल के ही सुपरविजन में हरिद्वार नगर निगम जमीन घोटाले की जांच भी चल रही है और इस जमीन घोटाले में मनी ट्रेल को भी विजिलेंस ट्रेस कर रही है। उधर अब रचिता के इस्तीफे के बाद सीओ विजिलेंस हर्षवर्धनी सुमन के सुपरविजन में इस जांच को किया जाएगा। हालांकि पहले से ही हर्षवर्धनी इस जांच को संभाल रही थी, लेकिन अब अब पूरी जांच की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होगी।उधर दूसरी तरफ आईएएस अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम की स्वैच्छिक सेवानिवृति भी काफी चर्चाओं में रही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि 2004 बैच के इस आईएएस अधिकारी के पास अभी काम करने का करीब 12 साल का मौका है, लेकिन अचानक वीआरएस का आवेदन मिलने से शासन में खलबली मच गई थी।हैरानी की बात यह है कि बीवीआरसी पुरुषोत्तम को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन किए हुए तीन महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक इस पर शासन स्तर से ही सस्पेंस बरकरार है। बड़ी बात यह है कि अभी इस अधिकारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से जुड़ी औपचारिकताओं को ही पूरा नहीं किया जा सका है, जबकि ऑल इंडिया सर्विस को लेकर एक नियम यह भी है कि शैक्षिक सेवानिवृत्ति में 3 महीने तक अनुमति नहीं मिलने के बाद तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मान ली जाती है, लेकिन इस प्रकरण में स्थितियां थोड़ा अलग इसलिए है क्योंकि शासन स्तर पर इसको लेकर अभी कोई फाइल ही तैयार नहीं होने की जानकारी मिल रही है।
उत्तराखण्ड के 7,89,297 पात्र किसानों को 157.86 करोड़ रुपये की धनराशि
हस्तांतरितपीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त अग्रिम रूप से जारीकृषि मंत्री ने उत्तराखंड के किसानों के लिए केंद्र से अतिरिक्त 100 करोड़ की मांगजोशी ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का जताया आभारदेहरादून, 26 सितम्बर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली से उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब राज्यों के किसान परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त अग्रिम रूप से जारी की। इस योजना के अंतर्गत देश के 27 लाख से अधिक किसानों को 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई।उत्तराखंड के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला है। प्रदेश के 7,89,297 पात्र किसानों को 157.86 करोड़ रुपये की धनराशि उनके खातों में हस्तांतरित की गई। अब तक पीएम-किसान योजना की पूर्व की 20 किश्तों में राज्य के किसानों को कुल 3,295.74 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है।राज्य के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सचिवालय से आयोजित इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उत्तराखंड में आई दैवीय आपदाओं के कारण कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में हुए व्यापक नुकसान की भरपाई के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग भी की। जिस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार शीघ्र प्रस्ताव भेजे, भारत सरकार उसकी प्राथमिकता के आधार पर संस्तुति करेगी।कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली केंद्रीय कैबिनेट में किसान सम्मान निधि के लिए हस्ताक्षर किए। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की चिंता करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और पीएम-किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।इस अवसर पर सचिव कृषि एसएन पांडेय, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, डायरेक्टर दीप्ति सिंह, निदेशक कृषि परमाराम, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
पांच साल की बच्ची से छेड़खानी करने का आरोपी बुजुर्ग गया जेल।
हरिद्वार। जिले के लक्सर में पांच साल की मासूम बच्ची से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, घटना बीती 21 सितंबर 2025 की है। जहां एक गांव निवासी व्यक्ति ने लक्सर कोतवाली में तहरीर देकर उसकी 5 साल की बेटी के साथ छेड़खानी की गई है। जिसका आरोप उन्होंने गांव के ही एक बुजुर्ग लगा। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की तत्काल जांच कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।बच्ची से जुड़े इस गंभीर अपराध को लेकर हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने विशेष टीम गठित कर उपनिरीक्षक दीपक चौधरी और महिला उपनिरीक्षक प्रियंका नेगी को जांच सौंपी। साथ ही आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए उपनिरीक्षक दीपक चौधरी और महिला उपनिरीक्षक प्रियंका नेगी की पुलिस टीम ने आरोपी को दबोच लिया। जिसे अब 26 सितंबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
दबंगों ने मंदिर में बैठे युवक को मारी गोली, हालत गंभीर।
हरिद्वार। जनपद के लक्सर में पथरी थाना क्षेत्र के कटारपुर गांव में गुरुवार देर शामे दबंगों ने मंदिर में बैठे युवक अर्जुन को गोली मार दी। गोली उसके सिर में लगी. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने आनन-फानन में अर्जुन को हरिद्वार के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। जहां उसकी हालत नाजूक बताई जा रही है।बताया जा रहा है कि वारदात की सूचना मिलते ही पथरी थाना अघ्यक्ष मनोज नौटियाल और फेरूपुर चौकी प्रभारी अशोक शिरस्वाल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अशोक शिरस्वाल ने गोलीकांड की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमलावर ग्राम प्रधान पक्ष के लोग हैं। जिन्होंने पहले अर्जुन के साथ कहासुनी की। जिसके बाद अचानक से गोली चला दी। पुलिस ने फिलहाल किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
नाबालिग किशेरी प्रकरण को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने निकाली आक्रोश रैली
नैनीताल। जिले के रामनगर में कथित लव जिहाद प्रकरण के बाद पूरे इलाके का माहौल गरमा गया है। पिछले सप्ताह घटी इस घटना के विरोध में शुक्रवार को हिंदूवादी संगठनों ने एक बड़ी जन जागरूकता आक्रोश रैली निकाली। हिंदू संगठनों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।रैली के दौरान हिंदूवादी संगठन के नेता मदन जोशी ने आरोप लगाया कि लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जो रामनगर की शांतिपूर्ण छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा पिछले हफ्ते की घटना में एक हिंदू किशोरी को गुमराह किया गया। उसके साथ गलत कृत्य हुआ। इस प्रकरण ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि प्रदेश और देशभर में भी आक्रोश पैदा किया है। हिंदूवादी ने मदन जोशी ने कहा रामनगर के अंदर ऐसे मामले बार-बार देखने को मिल रहे हैं। यह हमारी संस्कृति और समाज पर सीधा हमला है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर कठोर कार्रवाई करें। जिससे ऐसे लोगों में डर का माहौल बने और भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत न कर सके।शुक्रवार को निकाली गई इस रैली में सैकड़ों लोग शामिल हुए। रैली की शुरुआत पीएनजीपीजी महाविद्यालय से हुई. रैली मुख्य बाजार होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरकर सभा स्थल तक पहुंची। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारे लगाए। हिंदू संगठनों ने महिलाओं को जागरूक करने का संदेश दिया। हिंदूवादी संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

