
महाकौथिग दिल्ली 2025 में संवेदना समूह उत्तरकाशी की लोकनाट्य प्रस्तुति ‘जीतू बगडवाल’ ने बांधा समां ।
उत्तरकाशी ।
उत्तरकाशी की सुप्रसिद्ध नाटक संस्था संवेदना समूह उत्तरकाशी के रंगकर्मियों ने महाकौथिग दिल्ली 2025 में विशेष आमंत्रण पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगाथा पर आधारित लोकनाट्य ‘जीतू बगडवाल’ की भव्य प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति को दिल्ली में निवास कर रहे उत्तराखंडी दर्शकों का अपार स्नेह और सराहना प्राप्त हुई।
लोकनाट्य के माध्यम से कलाकारों ने जीतू बगडवाल के जीवन की उस लोकप्रचलित गाथा का सजीव मंचन किया, जिसमें एक साधारण मानव के देवत्व तक पहुँचने की यात्रा को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में प्रेम प्रसंग के साथ-साथ रियासतकाल में अपने अधिकारों के प्रति जीतू की सजगता और संघर्ष को भी सशक्त रूप से दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
नोएडा स्टेडियम में आयोजित इस प्रस्तुति के दौरान दर्शक नाटक की तारतम्यता और भावनात्मक गहराई से अंत तक जुड़े रहे। नाटक की समाप्ति पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा और दर्शकों ने इसे अत्यंत प्रभावशाली व हृदयस्पर्शी प्रस्तुति बताया।
इस अवसर पर महाकौथिग के अध्यक्ष हरीश असवाल, राजेंद्र चौहान, संवेदना समूह उत्तरकाशी के जयप्रकाश राणा, अजय नौटियाल, राजेश जोशी, डॉ. अजीत पंवार, मनवीर रावत, संजय पवार, उत्तम रावत, जयप्रकाश नौटियाल, गोविंद बिष्ट, रोशन सोनी, हरदेव पंवार, धनपाल नाथ, गंगा डोगरा, अमित, अनिल, आलोक रावत, संध्या, जानवी, शिवानी भट्ट, मानसी, काजल, शिवानी सहित अनेक गणमान्य दर्शक एवं कलाकार उपस्थित रहे।

