ऋषिकेश। उत्घ्तराखंड विधानसभा में पिछले दरवाजे से अपने चहेतों को नियुक्ति देने के आरोप में शुक्रवार को उत्तराखंड जनविकास पार्टी ने उनके आवास पर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने उन्घ्हें जबरन धरने से उठाया।
वहीं इससे पहले काबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के आवास घेराव कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देहात कमलेश उपाध्याय भी मौके पर पहुंचीं और हालातों का जायजा लिया। थाना रानीपोखरी, थाना रायवाला से अतिरिक्त फोर्स मंगाया गया। पूरे क्षेत्र की किलेबंदी कर छावनी बनाया गया है।उत्तराखंड जन अधिकार पार्टी के केंद्रीय नेता कनक धनाई की ओर से शुक्रवार को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व काबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर विधानसभा के भीतर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाया है। जिसके खिलाफ उन्होंने शुक्रवार को आज ऋषिकेश हरिद्वार रोड स्थित उनके आवास के घेराव की घोषणा की थी।
पुलिस प्रशासन ने काबीना मंत्री के गंगा विहार स्थित आवास को जाने वाले सभी चार रास्तों पर बैरिकेडिंग करते हुए वहां फोर्स लगाई है। बैराज रोड स्थित उनके कैंप कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सैनी ने बताया कि काबीना मंत्री के आवास और कैंप कार्यालय क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। वहीं भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बद्रीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी व उनके समर्थक देहरादून स्थित विधानसभा गेट के समीप धरने पर बैठ गए।
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ससुरालियों पर हत्या का आरोप,सभी आरोपी गिरफ्तार अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के दलित नेता जगदीश चंद्र की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हाल ही में उन्होंने प्रेम विवाह किया था। किन्तु उनके ससुरालियों को यह सब रास नही आया था। जगदीश चंद्र पार्टी के टिकट पर […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

