*अधिकृत वित्त समिति की बैठक में विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति*
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में अधिकृत वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

*यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग अपग्रेडेशन को मंजूरी*
बैठक में यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग, दिलाराम बाजार से विजय कॉलोनी पुल तक 2 लेन से 3 लेन में उन्नयन हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग (विद्युत लाइनों को यूटिलिटी डक्ट में स्थानांतरित करना) एवं वाटर सप्लाई लाइन शिफ्टिंग के ₹1257.96 लाख के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।
*पिथौरागढ़ में पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण*
जनपद पिथौरागढ़ की पिथौरागढ़ शाखा के अंतर्गत घाट पंपिंग पेयजल योजना की जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन, राइजिंग मेन के प्रतिस्थापन एवं पुनर्संरेखण संबंधी ₹1338.53 लाख रू की योजना को अनुमोदन दिया गया।
*मसूरी राज्य राजमार्ग पर दो लेन स्टील बॉक्स पुल का निर्माण*
मसूरी राज्य राजमार्ग संख्या-1 के कि.मी. 18 पर सहसपुर, जनपद देहरादून में क्षतिग्रस्त एकल लेन पुल के स्थान पर ₹1200.17 लाख रू की लागत से 60 मीटर स्पैन का दो लेन, क्लास-ए लोडिंग स्टील बॉक्स पुल निर्माण को स्वीकृति दी गई।
*रामनगर बस टर्मिनल परियोजना पर सख्त रुख*
मुख्य सचिव ने पेयजल निगम के रामनगर बस टर्मिनल निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आकलन परियोजना में परियोजना के कुल खर्च के मुकाबले फाउंडेशन वर्क व साइट विकास की अधिक लागत पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने HOD, पीडब्ल्यूडी एवं एमडी, पेयजल निगम को प्रारंभिक लागत, विस्तारित लागत, साइट चयन, नींव खर्च एवं कुल व्यय की व्यवहारिकता, प्रासंगिकता, मितव्ययिता और उपयोगिता की जांच हेतु कमेटी गठित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
*पब्लिक फंड की मितव्ययिता और सख्त स्क्रूटनी पर जोर*
मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन की मितव्ययिता सर्वोपरि है। केवल कंसलटेंट के प्रस्तावों पर निर्भर न रहते हुए विभाग स्वयं जिम्मेदारीपूर्वक पर्याप्त स्क्रूटनी करें। बिना समुचित जांच के किसी भी प्रस्ताव को हाई पावर कमेटी में प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा—कार्य पब्लिक-सेंट्रिक हों।
*तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश*
आज स्वीकृत सभी परियोजनाओं पर शीघ्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव पंकज पांडेय, एस.ए. Adannki, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मालसी, देहरादून स्थ्ति एक होटल में हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनभावनाओं के हिसाब से राज्य सरकार राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले चार सालों में जनअपेक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के साथ ही मदरसा बोर्ड को खत्म करने जैसे अभूतपूर्व कदम उठाकर, सनातन की इस पुण्यभूमि को हर तरह से सुरक्षित रखने का प्रयास किया है। सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू करने के साथ ही धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उत्तराखंड को एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही थी, जिस पर प्रदेश की देवतुल्य जनता का हमें पूरा समर्थन मिला। 2022 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। उत्तराखण्ड देश में यू.सी.सी. लागू करने वाला पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री ने 2027 में हरिद्वार में भव्य एवं दिव्य कुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस सबंध में वे स्वयं 10 से अधिक बैठक कर चुके हैं। केन्द्र सरकार की ओर से इसके लिए 500 करोड़ की धनराशि भी जारी की जा चुकी है, मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य कर रही है। किसी के साथ भेदभाव की भावना से कार्य नहीं किये जा रहे हैं, लेकिन छद्म तरीकों से देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करने वालों पर भी सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खनन नीति बनने के बाद से उत्तराखण्ड में पिछले 02 सालों में हर साल 1200 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पहले 400 करोड़ तक रहता था। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य को लगातार दो साल विशेष सहायता योजना के तहत 100-100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनेक महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री खजानदास, हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक श्री शशि शेखर एवं अन्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आवास में चम्पावत से आए होल्यारों ने दी होली की शुभकामनाएं*

जनपद चम्पावत के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की और पारंपरिक अंदाज में उन्हें होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर होल्यारों ने कुमाऊँ अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम प्रदर्शन करते हुए खड़ी एवं बैठकी होली के पारंपरिक लोकगीतों का सुमधुर गायन किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सभी होल्यारों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चम्पावत सहित समूचे कुमाऊँ क्षेत्र की खड़ी और बैठकी होली अपनी विशिष्ट शैली, राग-रागिनियों की शास्त्रीयता और भक्ति भाव से परिपूर्ण प्रस्तुति के कारण देशभर में विशेष पहचान रखती है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक कला, लोक संगीत और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न सांस्कृतिक मंचों, महोत्सवों और आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। साथ ही ये समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
इस अवसर पर होल्यारों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की कामना करते हुए पारंपरिक मंगल गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने भी समस्त प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह रंगोत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता, सुख और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कहा कि होली का यह पावन पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम, सद्भाव और एकता के रंग में रंगने का संदेश देता है।
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टिहरी में पयर्टन को नई ऊंचाई देगा लेक फेस्टिवल
6 से 9 मार्च के बीच आयोजित होगा टिहरी लेक फेस्टिवल

पुराने टिहरी शहर को अपने आगोश में समाई झील की सैर, गंगा की वेगवान लहरों पर राफ्टिंग, रहस्यमयी खैट पर्वत की यात्रा से लेकर, देवप्रयाग में पौराणिक रघुनाथ मंदिर के दर्शन और संगम तट पर योगाभ्यास। यदि आप किसी एक आयोजन में इन सब गतिविधियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो 6 से 9 मार्च के बीच टिहरी लेक फेस्टिवल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करना ना भूलें।
टिहरी जिला प्रशासन और उत्तराखंड पयर्टन विकास परिषद के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किए जा रहे Himalayan O₂ – टिहरी लेक फेस्टिवल का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों किया जाना प्रस्तावित है। चार दिन के इस आयोजन के दौरान टिहरी जिले के प्रमुख केंद्रों पर विभिन्न तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल के मुताबिक टिहरी लेक फेस्टिवल का उद्देश्य टिहरी जिले को प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाते हुए, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है। उन्होने बताया कि इस दौरान ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, मास्टर शेफ प्रतियोगिता, लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए फैशन शो, फोटोग्राफी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
एक लाख रुपए तक पुरस्कार जीतने का मौका
आयोजन के दौरान अलग- अलग स्थानों पर मास्टर शेफ, फोटोग्राफी, पेटिंग, सोशल मीडिया रील, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिस टिहरी, राफ्टिंग, रैप सिंगिग प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। जिसमें प्रथम विजेता एक लाख रुपए तक का पुरस्कार जीत सकता है, इसी तरह दूसरे स्थान का विजेता 50 हजार, तीसरे स्थान का विजेता 25 हजार रुपए का पुरस्कार जीत सकता है, इसके साथ ही पांच- पांच हजार के 10 सांत्वना सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
पांडवाज, अमित त्रिवेदी जमाएंगे रंग
प्रतियोगिता का उद्घाटन छह मार्च को कोटी कॉलोनी में होगा। कोटी कॉलोनी में ही फूड फेस्टिवल, मिस्टर एंड मिस टिहरी, मास्टर शेफ, वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की जीवनगाथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। कोटी कॉलोनी में छह मार्च को पांडवाज बैंड और सात मार्च गो अमित त्रिवेदी की भी प्रस्तुति होंगी।
एडवेंचर टूरिज्म का पावर पैक
टिहरी जिले के दूरस्थ ब्लॉक प्रतापनगर में भी आयोजन के दौरान कई कार्यक्रम होंगे, इसमें सात मार्च को माजफ – पीडी ट्रैक और आठ मार्च को थात- खैट पर्वत ट्रैक शामिल है। इसी तरह घनसाली में बासल ताल ट्रैक का आयोजन किया जा रहा है। वहीं नरेंद्र नगर ब्लॉक में आठ मार्च को ब्रहमपुरी से खारास्रोत तक गंगा में राफ्टिंग, धनोल्टी क्षेत्र के अंतर्गत सुआखोली से देवलसारी तक एमटीबी राइड शामिल है।
देवप्रयाग- आध्यात्म और योग का मेल
टिहरी लेक फेस्टिवल के प्रतिभागियों को देवप्रयाग स्थित प्रसिद़ध रघुनाथ मंदिर के दर्शन, संगम पर गंगा आरती के साथ ही योगाभ्यास का भी अवसर मिलेगा। देवप्रयाग में ही प्रतिभागियों को एतिहासिक वेदशाला का भी दौरा कराया जाएगा।।
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*गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ–हरिद्वार विस्तारीकरण पर प्रस्तुतीकरण*
यूपीडा (Uttar Pradesh expressways industrial development authority) के अधिकारियों ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में एक्सप्रेसवे के दो तुलनात्मक एलाइनमेंट विकल्प साझा किए गए—पहला विकल्प मेरठ–मुजफ्फरनगर–हरिद्वार जनपदों से होकर गुजरने वाला तथा दूसरा विकल्प हापुड़–मेरठ–मुजफ्फरनगर–हरिद्वार जनपदों को कवर करने वाला। दोनों एलाइनमेंट पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
*प्रारंभिक औपचारिकताओं व अंतरराज्यीय समन्वय पर निर्देश*
मुख्य सचिव ने यूपीडा को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ओर से की जाने वाली अग्रिम औपचारिकताओं—भूमि उपलब्धता, यूटिलिटी शिफ्टिंग, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, EIA तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समन्वय—से संबंधित प्रारंभिक कार्यवाही का विस्तृत प्रारूप तैयार किया जाए।
बैठक में सचिव पंकज पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार तथा यूपीडा से चुनकु राम पटेल, विनय प्रकाश सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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*राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य आपदा मोचक निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों की समीक्षा*
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य आपदा मोचक निधि (SDRF) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।
*बजट उपयोग में डुप्लीकेसी न हो—मुख्य सचिव*
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत विभागों को तत्काल सुरक्षात्मक कार्यों हेतु सीधे उपलब्ध कराए गए बजट तथा जनपदों में जिलाधिकारियों के माध्यम से आवंटित बजट के व्यय में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन न हो। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विभागों को सीधे तथा जिलाधिकारियों के माध्यम से दिए गए बजट के सुसंगत एवं समन्वित क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण संबंधित विभागाध्यक्ष एवं जिला अधिकारी प्रस्तुत करें।
*सिविल स्ट्रक्चर के साथ ग्रीनरी पर भी जोर*
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन के सुरक्षात्मक एवं मिटिगेशन कार्यों में सिविल संरचनाओं के साथ-साथ प्लांटेशन एवं ग्रीनरी सपोर्टिंग कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे समय के साथ प्राकृतिक सुरक्षा ढांचा स्वतः विकसित हो सके।
*सुरक्षात्मक कार्यों का टिकाऊपन सुनिश्चित करने के निर्देश*
बैठक में सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य संबंधित कार्यदाई विभागों और एजेंसियों से सुरक्षात्मक कार्यों की टिकाऊ अवधि के बारे में जानकारी ली गई। सिंचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे प्रोटेक्शन कार्यों की टिकाऊ अवधि लगभग 25 वर्षों तक रहती है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षात्मक कार्य मिनिमम अवधि तक टिकाऊ बने रहें, इसके लिए कार्यों को गंभीरता, पारदर्शिता और टिकाऊ मानकों के अनुरूप संपादित किया जाए।
*अग्रिम सुरक्षात्मक प्रस्तावों का अवलोकन*
मुख्य सचिव ने संबंधित कार्यकारी संस्थाओं से चालू वर्ष में किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा अग्रिम सुरक्षात्मक कार्यों से संबंधित प्रस्तुत प्रस्तावों का भी अवलोकन किया।
बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, एस. ए. अध्यांकि, अपर सचिव विनीत कुमार, नवनीत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

