टिहरी गढ़वाल, 17 अगस्त 2025
“अति वृष्टि से प्रभावित परिवारों का निरीक्षण एवं राहत व्यवस्था”

टिहरी जनपद के अंतर्गत तहसील टिहरी स्थित ग्राम अलेरु कंडीखल क्षेत्र में अति वृष्टि के कारण स्थानीय निवासियों के घरों में पानी भरने की सूचना प्राप्त हुई। इस पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशानुसार आज 17 अगस्त 2025 को उप जिलाधिकारी संदीप कुमार द्वारा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कुल 18 परिवारों के घर प्रभावित पाए गए। सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पंचायत भवन के समीप रिक्त पड़े भवनों में शिफ्ट कराया गया है। साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित को दिए।
जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल द्वारा शिफ्ट किए गए परिवारों को राशन किट वितरित की गई। साथ ही 18 परिवारों के कुल 86 सदस्यों के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, यूपीसीएल को शिफ्ट किए गए स्थान पर शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मा0 मुख्यमंत्री की अपेक्षा अनुरूप सुविधाओं में निजी चिकित्सालयों से कम न रहे अपने जनमन के सरकारी अस्पतालः डीएम
मा० मुख्यमत्री के संकल्प से प्रेरित डीएम जिले की स्वास्थ्य सेवाओ के सुधार हेतु प्रतिबद्ध
जिला चिकित्सालय एसएनसीयू के लिए 6 अतिरिक्त बैड, एक्सरेमशीन; फोटोथेरेपी उपकरण की मौके पर ही स्वीकृति
चिकित्सालय में ऑटोमेटेड पार्किंग; महिला हिलांस कैंटीन, ब्लड बैंक से डॉक्टर्स, स्टॉफ, जनमन गदगद
चिकित्सालय को डिफिलिलेटर; जनरेटर, उपकरण, मैनपॉवर रखने की स्वीकृति
जिला चिकित्सालय के सभी प्रस्तावों को मौके पर मंजूरी;
बल्ड बैंक कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश; जल्द करेंगे डीएम स्वयं निरीक्षण:
राज्य के पहले दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र हेतु व्यवस्थाएं, बजट, मैनपॉवर हुए पंक्तिबद्ध
देहरादून दिनांक 17 अगस्त 2025 (सूवि), जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में चिकित्सा प्रबन्धन समिति राजकीय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) संचालन मण्डल की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सालय के सभी प्रस्तावों को स्वीकृत्ति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के निर्देशित किया किया सरकारी चिकित्सालयों में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जानी है ताकि जनमानस को महंगे इलाज हेतु निजी अस्पतालों के चक्कर न लगाने पढ़े। इसके लिए जिलाधिकारी ने चिकित्सालय द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर स्वीकृति देते हुए। अन्य आवश्यकता की जानकारी भी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मा0 मुख्यमंत्री की अपेक्षा अनुरूप अपने जनमन के सरकारी अस्पताल निजी चिकित्सालयों से कम न रहे । उन्होंने कहा कि मा० मुख्यमत्री के संकल्प स्वास्थ्य सेवाओ के सुधार हेतु जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
डीएम ने जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू के लिए 6 अतिरिक्त बैड, एक्सरेमशीन; फोटोथेरेपी उपकरण की मौके पर ही स्वीकृति दी। वहीं चिकित्सालय में ऑटोमेटेड पार्किंग; महिला हिलांस कैंटीन, ब्लड बैंक से डॉक्टर्स, स्टॉफ, जनमन गदगद हैं।
जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू के लिए अतिरिक्त बैड बढ़ाने, एक्सरेमशीन एवं ऐसेसरिज, फोटोथेरेपी उपकरण, डिफिलिलेटर जनरेटर, मैनपॉवर, चिकित्सालय में सुरक्षा के दृष्टिगत भूतपूर्व सैनिक गार्ड रखने की भी स्वीकृति प्रदान की जिलाधिकारी ने चिकित्सालय पुरानी टीनशेड जिसका पार्किंग के लिए उपयोग किया जा रहा है को हटकार नई अटोमेटेड पार्किंग संभावना के दृष्टिगत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लेड अप्रोन स्टैण्ड, अल्ट्रासाउंड जैली, पेशेंट एक्सामिलेशन कोच का कार्य, एक्सरे, सीटी स्कैन मशीन, व्हीलचेयर, चिकित्सक यूनिफार्म, एक्सामिनेशन टेबल, ड्रेसिंग ड्रम, सर्जिकल उपकरण, बेडसीट, एडल्ट सेकशन मशीन, एसी, बैबी रेडियट वार्मर, एन्डोस्कोपी सिस्टम कैमरा अदि सामग्री का कय किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने एसएनसीयू में 286 बच्चे भर्ती हुए है जिनमें 287 डिस्चार्ज किए गए तथा 21 बच्चें रेफर किए गए रेफर का कारण जाने पर चिक्तिसकों ने सुविधा की कमी होना बताया जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल सभी सुविधाओं के प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
राज्य का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास अपने जिला चिकित्सालय के गांधी शताब्दी में
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को गांधी शताब्दी चिकित्सालय में बनाए जा रहे दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र डीडीआरसी का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी स्वयं ब्लड बैंक निर्माण कार्यों की प्रगति एवं डीडीआरसी का निरीक्षण करेंगे। डीडीआरसी में दिव्यांग नागरिकों के लिए अब प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह और कृत्रिम अंग प्राप्त करने तक की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। राज्य का पहला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र जिले के गांधी शताब्दी चिकित्सालय में बनाया जा रहा है। यह केंद्र दिव्यांगजनों को न सिर्फ प्रमाणन, बल्कि कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, उपकरण वितरण, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे देगा। इससे दिव्यांगजनों को असुविधा होती थी, जिसे देखते हुए अब सभी सेवाओं को एक स्थान पर लाने का निर्णय लिया गया है। केंद्र में पंजीकरण के बाद दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय, सामाजिक, शैक्षिक एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर उचित परामर्श और सेवाएं प्रदान की जाती हैं। केन्द्र से दिव्यांगजन हेतु सहायक उपकरण व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र आदि भी वितरण के साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर किया जाता है और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाता है। केंद्र विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराता है ताकि दिव्यांगजन शिक्षा या रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाई जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे यूडीआईडी कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि से भी जोड़ा जाता है। केंद्र की विशेषता इसकी बहु-विषयी (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीम होती है जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसे विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य विभाग उप जिलाधिकारी हरिगिरि, सीएमएस डॉ मन्नु जैन, डॉ जेपी नौटियाल, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, डॉ शालिनी डिमरी, डॉ नीतू तोमर, प्रमोद कुमार राजीव सब्बरवाल, इन्दू शर्मा, सुशिला पंवार, राजेश आरती आदि उपस्थित थे।
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दिनांक 17 अगस्त 2025 को जनपद देहरादून के दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्र में कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी कालसी, जिला देहरादून में मा0 कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री मनोज तिवारी तथा मा0 न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू तिवारी की गरिमामय उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा बहुद्देशीय/न्यू मोड्यूल शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त शिविर में जिला जज देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल व मा0 जिला जज श्रीमती नीमा खिमाल, सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखण्ड प्रदीप मणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून अभिनव शाह तथा मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डाॅक्टर मनोज शर्मा तथा जनपद देहरादून के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहें।
इसके अतिरिक्त अध्यक्ष बार एसोसियेशन, विकासनगर चौधरी विजय पाल द्वारा भी शिविर में प्रतिभाग किया गया।
उक्त शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारीगण एवं गैर सरकारी संगठनो ( एनoजीoओo ) द्वारा सहयोग किया गया तथा विभिन्न आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। साथ ही कालसी क्षेत्र की जनजातीय/ग्रामीण जनता को अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के सम्बंध में जागरूक किया गया।
माननीय न्यायमूर्ति द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर संस्कृति विभाग, देहरादून के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने हेतु लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के बहुउद्देशीय शिविर समय-समय पर आयोजित किये जाते रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से, क्षेत्र की जनता को, उनके विधिक एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
इस शिविर की स्वच्छता व्यवस्था हेतु 07 पर्यावरण मित्रों को उनके निःस्वार्थ सहयोग के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से धन्यवाद किया गया व माननीय न्यायमूर्ति जी द्वारा सम्मानित कराया गया।
स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग और ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज द्वारा उक्त बहुद्देशीय शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर विभिन्न जांच परिक्षण और दवाईयों का वितरण किया गया।
आयोजित शिविर में निम्नलिखित सरकारी व गैर सरकारी संगठनो द्वारा अपना सहयोग प्रदान किया गया – महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, सारा साए प्राइवेट लिमिटेड सेलाकुई, शिरडी साई हरि मूर्ति सेवा धाम ऋषिकेश, मंदिर भरत महाराज ऋषिकेश, जयराम ट्रस्ट ऋषिकेश, गायत्री परिवार विकासनगर, नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ऋषिकेश, मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन देहरादून, सनकेयर फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड सेलाकुई, टपरवेेयर इंडिया प्राइवेट, लिमिटेड, ईस्ट अफ्रीकन ओवरसीज फार्मासिटी सेलाकुई, फेबको बैग इंडस्ट्रीज सेलाकुई , क्राइम कंट्रोल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ऋषिकेश , समर्पण सोसायटी, देहरादून, मुल्तानी फाॅर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, भगवानपुर, रूडकी, हरिद्वार, डिक्सोन टेक्नोलाॅजीस इंडिया लिमिटेड पछुवादून, सेलाकुई, कैम्पस एक्टिव वेयर लिमिटेड, सेलाकुई द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
नारायण स्वयं सहायता समूह, धोईरा और ग्राम्य विकास विभाग कालसी द्वारा चेक का वितरण किया गया।
साथ ही इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
शिविर में स्थानीय लाभार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, स्कूली छात्र छात्राओं को निम्नलिखित आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया – कंप्यूटर सेट, टैबलेट, लेजर प्रिंटर, आरoओo, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट, हिमालयन बेबी किट, न्यू पहल किट, फर्स्ट एड किट, स्टेशनरी का सेट , इम्युनिटी बूस्टर किट, सोलर लैम्प, छाते , कम्बल, टिफिन व वॉटर बोटल, स्कूल बैग का वितरण किया।
इसके अतिरिक्त दिव्यांग व्यक्तियों के लिये समाज कल्याण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा व्हील चेयर, बैसाखी, वॉकर, कमर दर्द की बेल्ट, छडी और कान की मशीन का वितरण भी किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा शिविर के अन्त में सरल कानूनी ज्ञानमाला पुस्तकों का वितरण किया गया।
अंत में माननीय न्यायमूर्ति तथा अन्य सभी सम्मानित अतिथिगणों द्वारा शिविर में लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण कर उपस्थित समस्त सरकारी विभागों तथा गैर सरकारी संगठनों का उत्साहवर्धन किया गया तथा माननीय न्यायमूर्ति द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।
इस मेगा शिविर में 1000 (एक हजार) से अधिक व्यक्ति लाभान्वित रहें।
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असहाय व्यथित एकल माता की बेटी शिवानी की शिक्षा पुनर्जीवित;
नए रूप में देहरादून जिला प्रशासन, संवेदना; मदद; न्याय; एक्शन; प्रवर्तन
डीएम अनुरोध; एसजीआरआर एजुकेशन मिशन ने पिछले सेशन की 50% फीस माफ; आगे की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा से

मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा से व्यथित असहायों के आंसू पोछते डीएम सविन; ऋण माफी से लेकर शिक्षा, न्याय, उपचार तक
देहरादून दिनांक 17 अगस्त 2025 ( सू वि), विगत वर्ष से जिला प्रशासन देहरादून की कार्यशैली में भारी बदलाव देखने को मिले हैं। जहां आम जनमानस, व्यथित,बुजुर्ग, दिव्यांग,असहायों, की सुनवाई हो रही है वही एक के बाद एक कड़े निर्णय उनके पक्ष में हो रहे हैं।
दुखियारी एकल मां रजनी ने डीएम सविन बंसल से गुहार लगाई की वह किराए के मकान पर रहती हैं तथा प्राइवेट नौकरी करती हैं उनके दो बच्चे हैं दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने फरियाद लगाई कि बिटिया की पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं उनकी बिटिया शिवानी 12वीं कक्षा में है उन्होंने बेटी की पढ़ाई नंदा सुनंदा से करने की डीएम से गुहार लगाई। जिस पर डीएम ने श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन से 2024-25 की फीस में रियायत देने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी के अनुरोध पर एसजीआरआर एजुकेशन मिशन द्वारा शिवानी की पिछले सेशन की 50% फीस माफ कर दी। वहीं अब जिला प्रशासन द्वारा शिवानी की आगे की पढ़ाई खर्चा प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा से उठाया जाएगा, जिसके लिए डीएम ने समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।


