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राहत एवं बचाव कार्यों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मुख्यमंत्री धामी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
थराली आपदा : राहत एवं बचाव कार्यों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मुख्यमंत्री धामी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
*हेलीकॉप्टर से 6 गंभीर घायल एम्स ऋषिकेश रेफर, दो दर्जन से अधिक का मौके पर उपचार*
थराली में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उनके उपचार एवं राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर न केवल घायलों का उपचार किया, बल्कि मानसिक रूप से आहत पीड़ितों की काउंसलिंग भी की।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सक दल एवं संसाधन तुरंत भेजे जाएंगे। साथ ही, सीएमओ चमोली को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य होने तक ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में थराली सीएचसी में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर एवं एम्बुलेंस सहित जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम सक्रिय रूप से तैनात है। इसके अतिरिक्त, एसडीएच कर्णप्रयाग से 02 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस को आपदा क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं पीएचसी देवाल से एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी को भी मौके पर भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से 06 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य दो दर्जन से अधिक घायलों का मौके पर उपचार किया गया।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी चिकित्सा इकाइयों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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LIVE: देहरादून में एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 कार्यक्रम*
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*एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी*
*अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया*
*थाईलैंड ने जीती चैंपियनशिप ट्रॉफी*
*यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री*
*सरकार ने अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया*
*स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की होंगी*
*सरकार ने राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया*
*राज्य में नवीन खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी*
*राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए हो रहा तेजी से कार्य*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हिमाद्री आइस रिंक रजत जयंती खेल परिसर रायपुर, देहरादून में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया” द्वारा आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया | मुख्यमंत्री ने थाईलैंड को एशियन ओपन शार्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की |
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से आए खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत में प्रथम बार आयोजित हो रही शीतकालीन खेलों की इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने 9 अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन द्वारा दर्शकों को रोमांचित करने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक सहित अनेकों पदक प्राप्त किए हैं। पूर्ण विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगी और हमारे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में, 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। इसके साथ ही, आज ये विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ही वर्षों से बंद पड़ी इस हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। यह देश की एकमात्र ओलिंपिक स्टैण्डर्ड आइस रिंक है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ की गई हैं।आज 14 वर्षों के बाद पुनः इस रिंक पर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। हम राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है | इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
इस अवसर पर विशेष सचिव श्री अमित सिन्हा, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष श्री अमिताभ शर्मा व अन्य पदाधिकारी, एशियन स्केटिंग यूनियन, उत्तराखंड आइस स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी,आयोजक और खेल विभाग के अधिकारी, खिलाड़ी व प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे |
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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से थराली (चमोली) में आई आपदा के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी थराली (चमोली) में आई आपदा के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून पहुँचे
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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे सीएम धामी*
*हर आपदा के समय सीएम धामी प्रभावितों के साथ हमेशा खड़े रहते हैं*
*थराली में चल रहे आपदा राहत कार्यों की कर रहे समीक्षा*
*अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश*
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एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी*
*अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया*
*थाईलैंड ने जीती चैंपियनशिप ट्रॉफी*
*यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री*
*सरकार ने अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया*
*स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की होंगी*
*सरकार ने राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया*
*राज्य में नवीन खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी*
*राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए हो रहा तेजी से कार्य*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हिमाद्री आइस रिंक रजत जयंती खेल परिसर रायपुर, देहरादून में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया” द्वारा आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया | मुख्यमंत्री ने थाईलैंड को एशियन ओपन शार्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की |
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से आए खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत में प्रथम बार आयोजित हो रही शीतकालीन खेलों की इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने 9 अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन द्वारा दर्शकों को रोमांचित करने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक सहित अनेकों पदक प्राप्त किए हैं। पूर्ण विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगी और हमारे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में, 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। इसके साथ ही, आज ये विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ही वर्षों से बंद पड़ी इस हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। यह देश की एकमात्र ओलिंपिक स्टैण्डर्ड आइस रिंक है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ की गई हैं।आज 14 वर्षों के बाद पुनः इस रिंक पर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। हम राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है | इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।
इस अवसर पर विशेष सचिव श्री अमित सिन्हा, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष श्री अमिताभ शर्मा व अन्य पदाधिकारी, एशियन स्केटिंग यूनियन, उत्तराखंड आइस स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी,आयोजक और खेल विभाग के अधिकारी, खिलाड़ी व प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे |
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सीएम धामी ने थराली सहित सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पूर्णत क्षतिग्रस्त मकानों हेतु ₹ 5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रभावितों को जारी करने के निर्देश दिए*
*आपदा प्रभावित मृतकों को 5 लाख रु का मुआवजा तत्काल देने के निर्देश*
*स्याना चट्टी से पानी की निकासी जल्द से जल्द की जाए*
*थराली में तत्परता से बेहतरीन आपदा राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली की सराहना की*
*मुख्यमंत्री ने हाल ही में धराली,सैजी ( पौड़ी ) एवं धराली मैं आई आपदाओं की पैटर्न के अध्ययन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित एजेंसियों के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए*
सीएम धामी ने शनिवार रात्रि आपदा परिचालन केंद्र देहरादून में थराली ( चमोली ) आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों हेतु ₹ 5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रभावितों को जारी की जाए | इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को भी ₹5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रदान करने के निर्देश दिए हैं |
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्याना चट्टी से पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए |
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि थराली में जो लोग बेघर हुए हैं तात्कालिक रूप से उनके लिए बेहतरीन व्यवस्था की जाए तथा इसके साथ ही पुनर्वास का काम भी तेजी से आरंभ किया जाए । प्रभावितों को राहत सामग्री तत्परता से मिल जाए और सभी आवश्यक सामान एक साथ दिया जाए |
इसके साथी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क सहित सभी मूलभूत जरूरत को जल्द से जल्द बाहर किया जाए | प्रभावितों को बांटी जाने वाली राशन सहित सभी प्रकार की राहत सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए |
थराली आपदा के दौरान जिलाधिकारी चमोली की तत्काल मौके पर पहुंचने, प्रभावितों को तत्परता से राहत पहुंचाने एवं बेहतरीन प्रबंधन हेतु सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भी इसी प्रकार प्रभावी समन्वय के साथ तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए | मुख्यमंत्री ने थराली आपदा में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की भी प्रशंसा की | इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को तैयारी पूरी रखने व आपदा प्रबंधन सामग्री उपकरण आदि संवेदनशील स्थानों पर रखने के निर्देश दिए हैं |
मुख्यमंत्री ने हाल ही में धराली,सैजी ( पौड़ी ) एवं धराली मैं आई आपदाओं की पैटर्न के अध्ययन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित एजेंसियों के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं |
बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु , श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, श्री शैलेश बगौली सहित सभी संबंधित अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चमोली तथा उत्तरकाशी सहित सभी डीएम मौजूद थे
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थराली आपदा
पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पांच लाख की सहायता
माननीय मुख्यमंत्री ने जल्द जारी करने के दिए निर्देश
मृतकों के परिजनों को भी 5 लाख रुपये दिए जाएंगे
देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर थराली में आई आपदा के उपरांत संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन तथा जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से दिनभर संचालित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी सरकार आपदा की इस घड़ी में थराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सभी राहत और बचाव दलों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वे लगातार रेस्क्यू अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने थराली तथा अन्य स्थानों में जिन लोगों के भवन पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही मृतकों के परिजनों को भी पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता जल्द प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। घायलों को भी आपदा के मानकों के अंतर्गत अनुमन्य सहायता जल्द प्रदान किए जाने के निर्देश मा0 मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
भविष्य में ऐसी आपदाओं से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की ऐसी सभी नदियों में ड्रेजिंग/चैनेलाइजेशन कार्य करने के निर्देश दिए हैं, जिनके किनारे कस्बे, बस्तियां, नगर व शहर बसे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भी नदियों का जलस्तर ड्रेजिंग न होने की वजह से प्रभावित हुआ है, वहां आपदा के मानकों के तहत ड्रेजिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए सभी जनपदों से जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
माननीय मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में ठहराए गए लोगों के लिए अच्छे भोजन, जलपान, बच्चों के लिए दूध, दवाइयां, ओढ़ने व बिछाने के लिए पर्याप्त मात्रा में बिस्तर, शौचालय इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि थराली, धराली, पौड़ी, स्यानाचट्टी के साथ ही राज्य के अन्य जनपदों में जहां भी आपदा से क्षति हुई है, उसका आकलन कर 25 अगस्त तक अनिवार्य रूप से शासन को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाए। इसके बाद प्राप्त होने वाले प्रस्तावों में विचार किया जाना संभव नहीं होगा। साथ ही उन्होंने आने वाले दो दिनों के लिए मौमस विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को एलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों के संसाधनों को मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि वहीं शनिवार सुबह मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर थराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से अपडेट लिया। उन्होंने आपदा के बाद जल्द से जल्द थराली में स्थिति को सामान्य करने, राहत और बचाव कार्यों को त्वरित गति से संपादित करने, स्थानीय लोगों तक मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। जो भी संसाधनों की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल घटनास्थल में तैनात किया जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी से राहत एवं बचाव कार्यों हेतु शासन स्तर पर किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए तुरंत अवगत कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव माननीय मुख्यमंत्री श्री आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेशन, अपर सचिव व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी एसडीआरएफ श्री अरुण मोहन जोशी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, डीआईजी श्री धीरेंद्र गुंज्याल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्ला अंसारी, डॉ विमलेश जोशी आदि मौजूद रहे। माननीय उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय कुमार रुहेला बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
हेली सेवाओं के लिए हेलीपैड तैयार-सुमन
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि थराली में राहत और बचाव कार्यों के लिए एक एमआई-17 को स्टैंड बाय में रखा गया है। यूकाडा के हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए गौचर में तैनात हैं। कुलसारी में हेलीपैड को एक्टिवेट किया गया है। वहीं एसडीआरएफ की टीम ने भी सराहनीय कार्य करते हुए शनिवार को ही चेपड़ो में एक खुले मैदान में हेलीपैड बनाया है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों का अध्ययन करने के निर्देश
देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली, थराली और स्यानाचट्टी की आपदाओं में एक बात कॉमन है और वह यह है कि तीनों ही घटनाओं में पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना आवश्यक है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मोरेन कितनी मात्रा में जमा हो रहे हैं। उन्होंने इसके लिए वाडिया, आईआईआरएस, आईआईटी, एनआरएससी जैसे शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार से भी अनुरोध करेंगे कि सभी हिमालयी राज्यों में इस तरह का अध्ययन किया जाए ताकि इनके कारणों को समझा जा सके और भविष्य में होने वाली आपदाओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
रिस्पांस टाइम शानदार, मा0 मुख्यमंत्री ने सराहा
देहरादून। जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव दलों ने क्विक रिपांस करते हुए घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए थे। उन्होंने कम रिस्पांस टाइम के लिए सभी की सराहना की। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद जहां राहत और बचाव दल आपदा से प्रभावितों की मदद करने में जुटे तो वहीं दूसरी तरफ विद्युत तथा संचार आपूर्ति को भी कुछ ही घंटे में बहाल कर दिया गया। उन्होंने इसके लिए जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी तथा पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं सड़कें, जल्द खोलें
देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जल्द से जल्द थराली के आसपास बंद सड़कों को खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भी सड़क बंद हैं उन्हें जल्द से जल्द ठीक करते हुए यातायात हेतु बहाल किया जाए। उन्होंने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के अधिकारियों को भी उनके नियंत्रण में बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि से भी इन सड़कों का शीघ्र खोल जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन को सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं। यदि उन्हें किसी भी प्रकार के संसाधनों अथवा उपकरणों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए तो वह राज्य सरकार द्वारा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
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सचिव आपदा प्रबंधन ने दी रेस्क्यू अभियान की जानकारी
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से थराली में शनिवार को संचालित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तुरंत एक्टिवेट हुआ। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से घटना की जानकारी लेते हुए तुरंत एसडीआरएफ, एनडीआरफ, आइटीबीपी, एसएसबी आदि को ग्राउंड जीरो के लिए रवाना होने को कहा गया। इसके साथ ही जिलाधिकारी तथा एसपी चमोली के नेतृत्व में जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ ने तड़के ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ कर दिए थे। उन्होंने बताया कि इस आपदा में डेढ़ सौ लोग प्रभावित हुए हैं तथा उनके रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस दुखद हादसे में एक 20 वर्षीय किशोरी की मृत्यु हुई है जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए रेस्क्यू टीम युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं।
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शास्त्रों में कहा गया है कि अष्टभैरव (8) ही मूल हैं और उनसे 8–8 उपभैरव निकलकर कुल 64 भैरव होते हैं
*✍️ज्यो:शैलेन्द्र सिंगला पलवल हरियाणा 〰️
🔱 अष्ट भैरव और उनके उपभैरव (कुल 64 भैरव)
1. असितांग भैरव मंडल (पूर्व दिशा के अधिपति)
1. असितांग भैरव
2. महाकाल भैरव
3. रक्त भैरव
4. खड्ग भैरव
5. कालभैरव
6. कराल भैरव
7. त्रिशूल भैरव
8. पाश भैरव
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2. रुरु भैरव मंडल (आग्नेय दिशा)
9. रुरु भैरव
10. भीषण भैरव
11. शूल भैरव
12. कपाली भैरव
13. शंख भैरव
14. धन्विन भैरव
15. नील भैरव
16. क्रूर भैरव
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3. चण्ड भैरव मंडल (दक्षिण दिशा)
17. चण्ड भैरव
18. करालदंष्ट्र भैरव
19. दंष्ट्र भैरव
20. संहारक भैरव
21. दण्ड भैरव
22. कालाग्नि भैरव
23. विकट भैरव
24. उग्रभैरव
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4. क्रोध भैरव मंडल (नैऋत्य दिशा)
25. क्रोध भैरव
26. ज्वालामुख भैरव
27. दाहक भैरव
28. भीषणकाय भैरव
29. महाकाय भैरव
30. ज्वलन भैरव
31. भयंकर भैरव
32. दर्पण भैरव
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5. उन्मत्त भैरव मंडल (पश्चिम दिशा)
33. उन्मत्त भैरव
34. मदन भैरव
35. हर्ष भैरव
36. प्रमत्त भैरव
37. हाहाकार भैरव
38. जलद भैरव
39. हर्षण भैरव
40. उत्तान भैरव
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6. कपाल भैरव मंडल (वायव्य दिशा)
41. कपाल भैरव
42. मूण्ड भैरव
43. रक्तकपाल भैरव
44. श्मशान भैरव
45. चर्म भैरव
46. स्थूलकपाल भैरव
47. कृशानु भैरव
48. भीषणकपाल भैरव
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7. भीषण भैरव मंडल (उत्तर दिशा)
49. भीषण भैरव
50. स्थूल भैरव
51. क्रूरमुख भैरव
52. विकराल भैरव
53. दृढ़ भैरव
54. घोर भैरव
55. विकटमुख भैरव
56. घोरानन भैरव
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8. संहार भैरव मंडल (ईशान दिशा)
57. संहार भैरव
58. कालसंहार भैरव
59. मृत्युंजय भैरव
60. कालान्तक भैरव
61. शत्रु संहारक भैरव
62. दुष्ट संहारक भैरव
63. ग्रह संहारक भैरव
64. पाप संहारक भैरव
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📌 विशेष जानकारी
प्रत्येक मंडल में 1 मुख्य भैरव और उनसे उत्पन्न 7 उपभैरव माने जाते हैं।
कुल = 8 × 8 = 64 भैरव।
इनका अधिष्ठान दिशाओं और शक्तियों के आधार पर है।
अष्ट भैरव मूल रक्षक और दिग्पाल हैं, जबकि उनके उपभैरव विभिन्न कार्यों (संहार, रक्षा, रोगनाश, शत्रु-विनाश, तांत्रिक सिद्धि, वशीकरण आदि) के अधिकारी हैं।
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यमुना का जल स्तर घट गया है
〰️ https://www.facebook.com/share/v/16pVNrX3Dg/ मदन पैन्यूली की रिपोर्ट

