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बर्फ गिरने के बाद श्री बदरीनाथ धाम के बारे में  धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल  का इनटरव्यु यूटयूब चैनल पर चल रहा है। इससे यात्रियों में बद्रीनाथ धाम आने की जिज्ञासा बढ़ रही है

Pahado Ki Goonj

माना गावँ में राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य का स्थानीय लोगों द्वारा स्वागत किया है।

इस साल भू-वैकुण्ठ में बर्फ गिरने से अन्य सामाजिक संगठनों धाम में  मन मोहक छटा छटा से प्रकृति ने ज्यादा रौनक देकर यात्रा को रोमांचित कर दिया। मंदिर की फूलों से सजा कर  ज्यादा आकर्षित किया गया है।कपाट बंद होने पर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सी ई ओ बी.डी.सिंह ने बताया कि रावल ईश्वरी प्रसाद नंबुदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,  अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, अपर धर्माधिकारी सत्यप्रकाश चमोला, नायब रावल शंकरन नंबुदरी,वेदपाठी रविन्द्र भट्ट  मंदिर के कपाट बंद करने की पंच पूजायें संपादित करवायेंगे । इस पावन अबसर की बेला के समय श्री बदरीनाथ धाम के  कपाट  20 नवंबर सांयकाल 3 बजकर 21मिनट पर बंद होंगे। 16 नवंबर से कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत पंच पूजायें शुरु हो जायेगी ।पंच पूजाओं में सर्वप्रथम 16 नवंबर श्री गणेश जी के कपाट बंद होंगे तत्पश्चात
17 नवंबर आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद हो जायेंगे। 18 नवंबर खड्ग पुस्तक पूजन एवं
19 नवंबर दिन में लक्ष्मी जी का आवह्वान तथा 20 नवंबर  सांयकाल 3 .21 मिनट  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये जायेंगें।
21 नवंबर प्रात: आदि गुरु  शंकराचार्य जी की गद्दी जोशीमठ, श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी की डोली पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी। मुख्यकार्याधिकारी बी.डी.सिंह ने बताया कि रावल ईश्वरी प्रसाद नंबुदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,  अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, अपर धर्माधिकारी सत्यप्रकाश चमोला, नायब रावल शंकरन नंबुदरी,वेदपाठी रविन्द्र भट्ट पंच पूजायें संपादित करवायेंगे एवं 20 नवंबर को 3 बजकर 21 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं के कपाट बंद होने के अवसर पर पहुंचने की उम्मीद है,वहीं संपूर्ण बदरीपुरी सेना,अन्य सामाजिक संगठनों के बैंड की धुनों से गुंजायमान रहेगी। बद्रीनाथ की कृपा  जिन पर होती है ।उनमें समय समय पर यात्रियों को भंडारा भी सेना ,अन्य सामाजिक संगठनो द्वारा दिया जाता है।  पुजारी  हनुमान प्रसाद डिमरी के अनुसार श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि पर श्री माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी शीतकाल हेतु बंद हो जाते हैं।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि यात्रावर्ष 2018 में श्री बदरीनाथ धाम  पुुलिस के  आंकड़े केे अनुसार14 नवंबर को 1504तीर्थयात्री पहुंचे।श्री बदरीनाथ के कपाट खुलने  की तिथि 30 अप्रैल 2018से  14 नवंबर 2018तक 1036523 तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन हेतु पहुंचे हैं।
श्री केदारनाथ धाम में  कपाट खुलने की तिथि 29 अप्रैल 2018से  9 नवंबर 2018 को कपाट बंद होने तक कुल 732241 तीर्थ यात्री  पहुंचे,केदारनाथ में मंदिर समिति कर्मचारियों द्वारा तीर्थयात्रियों को सरल-सुगम दर्शन ब्यवस्थाओं हेतु सहयोग किया। अभी तक 1768764 श्री बदरीनाथ एवं श्रीकेदारनाथ पहुंचे हैं।। बदरीनाथ धाम के बारे में  धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल  जी का इनटरव्यु यूटयूब चैनल पर चल रहा है। इससे यात्रियों में बद्रीनाथ धाम आने की जिज्ञासा बढ़ रही है।

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