मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा सत्र में प्रतिभाग करने के लिए गैरसैंण (भराड़ीसैंण) पहुंचे पर , मुख्य मंत्री और उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री , वन मंत्री सुबोध उनियाल का गर्म जोशी से स्वागत किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार रात्रि को राजपुर रोड देहरादून स्थित होटल में समाचार चैनल चढ़ दी कला द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया तथा विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये |
*कार्यालय से निर्देश जारी करने से ज्यादा जरूरी है ग्राउंड जीरो पर रहना – सीएम धामी*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली आपदा हो या सिल्कयारा का संकट, मात्र कार्यालय से निर्देश जारी करने की बजाय वे ग्राउंड जीरो पर रहकर कार्य करने पर विश्वास करते हैं | शासन के उच्च अधिकारियों को भी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में कैंप कर करके स्थिति पर सीधी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे |
*यूसीसी राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक महत्व का विषय – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम है | उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर समेत संविधान सभा के सभी सदस्यों को अपनी भावांजलि दी हैं | सीएम ने कहा कि यूसीसी लागू होने के साथ ही उत्तराखंड के सभी निवासियों के अधिकार एक समान हो गए हैं | सभी धर्म की महिलाओं के लिए अब एक पूरा कानून है | यह किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है| यह समाज में समानता लाने का कानूनी प्रयास है | इसमें किसी प्रथा को नहीं बदला गया है बल्कि कुप्रथा को खत्म किया गया है |
*देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओ में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू है | पूरे हिंदुस्तान का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून कहीं लागू हुआ है तो वो उत्तराखंड में हुआ है | उन्होंने कहा कि आज पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हो रही हैं | गत चार वर्षो में 25000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है | राज्य की युवाओं में नया आत्मविश्वास आया है |
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का भी नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प उत्तराखण्ड के विकसित होने से और उत्तराखण्ड के विकसित होने का संकल्प यहां के समाज, नागरिकों और प्रत्येक क्षेत्र के विकसित होने से ही साकार होगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल , अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे |
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CWC द्वारा उत्पन्न ( येल्लो अलर्ट दिनांक 18.08.2025, 4:00 AM बजे से 19.08.2025, 8:00 PM बजे तक ) उत्तराखंड के देहरादून ज़िले के ऋषिकेश में गंगा नदी आज सुबह 4:00 बजे सामान्य से ऊपर बह रही है। सुबह 4:00 बजे, यह 339.52 मीटर के स्तर पर बह रही थी और इसका जलस्तर बढ़ रहा है, जो इसके चेतावनी स्तर 339.5 मीटर से 0.02 मीटर ऊपर और इसके ख़तरे के स्तर 340.5 मीटर से 0.98 मीटर नीचे है।
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जल विद्युत निगम की शक्ति नहर के बार-बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर दहाड़ा मोर्चा #
यूजेविएनएल- ठेकेदार की मिलीभगत सरकार को लगा रही करोड़ों की चपत |
#5-7 माह में ही पैसा पानी में बह गया !
विकासनगर -पछवादून क्षेत्र की बेहद महत्वपूर्ण शक्ति नहर, जोकि विद्युत उत्पादन के मामले में यूजेविएनल की रीढ है,
के घटिया निर्माण/ मरम्मत कार्य के चलते नहर के बार-बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा टीम ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी शक्ति नहर को देख कर अधिकारियों एवं ठेकेदारों के प्रति नाराजगी जताई | नेगी ने कहा कि एक बार फिर बरसात में नहर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। एक- डेढ़ वर्ष पूर्व इसकी मरम्मत पर लाखों- करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन कुछ ही समय में पैनल दोबारा टूट कर नहर में समा गये। यह घटना न केवल उत्तराखंड जल विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि इसमें प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की और भी साफ इशारा करती है | पूर्व में मरम्मत के नाम पर मिलीभगत कर घटिया कार्य कराए गए, जिसमें मोटी कमीशन डकार ली गई ताकि दोबारा फिर उसी कार्य को करने के टेंडर मिलते रहें।
शक्ति नहर पर बनी तीन परियोजनाएं ढालीपुर 51 मेगावाट, ढकरानी 33.75 और कुल्हाल 30 मेगावाट,जोकि क्रमश: लगभग 247 एमयू,156 व 160 एमयू (वर्ष 2021-22 के आंकड़े) विद्युत उत्पादन करते हैं, इन तीन पावर हाउसों को जलापूर्ति करने वाली शक्ति नहर, राज्य के विद्युत उत्पादन की रीढ़ मानी जाती है। मगर बार-बार इसके क्षतिग्रस्त होने से न केवल विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है, बल्कि करोड़ों की जनता की गाढ़ी कमाई पानी में बह जाती है।
कुछ समय पूर्व नहर में क्लोजर लेकर मरम्मत कराई गई थी। इसके बावजूद दोबारा पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब आनन-फानन में फिर से मरम्मत का काम शुरू किया गया है, जिसमें ‘कट्टों’ के सहारे नहर को भरने की अस्थायी कोशिश की जा रही है निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया जाता |
नेगी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल उत्तराखंड जल विद्युत निगम की कार्यशैली को लेकर उठ रहा है। बार-बार होने वाले इन हादसों के बावजूद न तो ठेकेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है, और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है। मोर्चा निर्माण /मरम्मत कार्यों में हुई धांधली की जांच एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने को शासन में दस्तक देगा | टीम में -मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, भीम सिंह बिष्ट, मुकेश पसबोला, गय्यूर,गफूर, नसीम आदि मौजूद थे |


