
16 वर्ष से फरार दुष्कर्म आरोपी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार ।
उत्तरकाशी। बडकोट
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में वांछित, फरार, वारंटी और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत कोतवाली बड़कोट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नाबालिगा के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 16 वर्षों से फरार चल रहे एक मफरूर आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, मई 2010 में थाना बड़कोट में धारा 363 और 366 भादवि के तहत नाबालिगा के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। घटना के कुछ समय बाद पुलिस ने अपहृत नाबालिगा को बरामद कर लिया था। पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 376 भादवि (दुष्कर्म) की बढ़ोतरी की गई थी।
इस मामले में आरोपी प्रताप विश्वास वर्ष 2010 से फरार चल रहा था। पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन वह बार-बार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर सितंबर 2010 में मफरूरी में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसके बाद मार्च 2011 में न्यायालय ने उसे मफरूर घोषित कर दिया था।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक बड़कोट सुभाष चन्द्र की देखरेख में उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से लगातार प्रयास करते हुए 12 मार्च 2026 को आरोपी को ग्राम चित्रांव, जयसिंह नगर, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जेएम(1) जयसिंह नगर, शहडोल की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और शनिवार को उत्तरकाशी न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्तमान में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक प्राइवेट क्लिनिक चला रहा था।
गिरफ्तार आरोपी
प्रताप विश्वास, पुत्र विकास विश्वास
निवासी – ग्राम उत्तर इनायतपुर, थाना चकदाह, जिला नदिया (पश्चिम बंगाल)
वर्तमान पता – ग्राम चित्रांव, थाना जयसिंह नगर, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश)
उम्र – 39 वर्ष
पुलिस टीम में –
उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह रावत
हेड कांस्टेबल अनिल रावत
कांस्टेबल प्रवीन नेगी
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी ने 16 वर्ष से फरार आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें 5000 रुपये के पारितोषिक से सम्मानित किया है।

