किम जोंग-उन ने शनिवार को शक्ति प्रदर्शन के लिए निकाली गई परेड का निरीक्षण किया और कदम ताल करते हुए सैनिकों को सलाम किया। सैनिकों के साथ-साथ टैंकों और अन्य सैन्य उपकरणों को भी परेड में शामिल किया गया था। सरकारी टेलिविजन के सीधे प्रसारण में दिखाया गया कि ऑनर गार्ड का निरीक्षण करने के बाद किम ने सेना और पार्टी के शीर्ष नेताओें के साथ किम द्वितीय-संग चौराहे पर चल रही परेड को देखा।
टीवी पर लाइव प्रसारण में एक पुरुष ने वॉयसओवर में कहा, ‘‘आज की परेड हमारी शक्तिशाली सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने का मौका प्रदान करेगी।’’ किम ने इस मौके पर रैली को संबोधित नहीं किया बल्कि उनके निकट सहयोगी चो रयोंग-हे ने एक चुनौतीपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने भाषण में कहा कि प्योंगयांग किसी भी उकसावे पर प्रतिक्रिया देगा, फिर चाहे वह परमाणु संबंधी उकसावा हो या कोई और। चो ने कहा, ‘‘हम लोग आर-पार वाले किसी भी युद्ध का जवाब आर-पार के युद्ध से देने के लिए तैयार हैं और हम अपने तरीके से किसी भी परमाणु हमले का जवाब परमाणु हमले से देने को तैयार हैं।
यह परेड किम के दादा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम द्वितीय-संग की 105वीं जयंती के अवसर पर निकाली गई। इस दिन को उत्तर कोरिया में ‘सूर्य दिवस’ के रूप में जाना जाता है। लेकिन इस परेड का उद्देश्य वाशिंगटन को अलग-थलग पड़े और परमाणु क्षमता से संपन्न उत्तर कोरिया के सैन्य बल का स्पष्ट संदेश देना भी था। ऐसी अटकलें हैं कि उत्तर कोरिया आने वाले दिनों में अपना छठवां परमाणु परीक्षण कर सकता है। इस पर व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि प्योंगयांग से निपटने के लिए सैन्य विकल्पों का आकलन किया जा रहा है।

