
उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से मची तबाही ।
उत्तरकाशी । रिपोर्ट मदन पैन्यूली ।
उत्तरकाशी जनपद के धराली कस्बे की खीरगंगा में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कुछ लोगों के दबे होने की खबर है। वहीं कुछ लोगों के होटल और खीरगंगा के दूसरी ओर घरों में फंसे होने की सूचना है।
गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से 20 से 25 होटल व होमस्टे तबाह हो गए हैं। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के अनुसार, 10 से 12 लोगो के दबे हो सकते हैं। खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में ऊपर कहीं बादल फटा, जिस कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई है। बाढ़ से लोगों में दहशत का माहौल है।
जनपद के धराली कस्बे की खीरगंगा नदी में भयंकर बाढ़ आई है। बाढ़ का पानी कई होटलों में घुस गया है। बाढ़ के पानी के साथ मलबा भी घरों, दुकनों में घुस गया है। मलबे में कई लोगों की दबने की आशंका है। धराली खीरगंगा में जलस्तर बढ़ने से धराली मार्केट क्षेत्र में भारी नुकसान होने की सूचना है।
हालात इतने विकट हैं कि सेना भी राहत और बचाव कार्य के लिए रवाना हुई है। भटवाड़ी से एसडीआरएफ की टीम भी धराली की ओर रवाना हो गई है। आज सुबह ही उत्तरकाशी जिले की बड़कोट तहसील क्षेत्र के बनाल पट्टी में भारी अतिवृष्टि हुई है। अतिवृष्टि की चपेट में आने से बड़ी संख्या में बकरियां गदेरे में बह गईं। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया की धराली आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। पानी का सैलाब गांव की तरफ आते ही लोगों में चीख पुकार मच गई। कई होटलों में पानी और मलबा घुस गया है। धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। कई होटल दुकाने ध्वस्त हो चुकी है। आर्मी हर्षिल/पुलिस/एसडीआरएफ टीम भटवाड़ी के लिए रवाना हुई हैं।
धराली आपदा : स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी* *विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक*
उत्तरकाशी जनपद के धराली में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके। *विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। *अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे। *108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर*
धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है। *जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24×7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।
*लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड के तीन आई ए एस सहित अनेक अधिकारी /कर्मचारी रहेंगे तैनात




