👉 अमेरिका के भारत पर लगने वाले टैरिफ, यूरोपीयन यूनियन की भारत पर टैरिफ लगाने की धमकी ….. भारत की अर्थव्यवस्था को मरा हुआ कहने का शौरगूल. ….. दस्तावेजी प्रमाणों के साथ पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक अखबार व RNI की खबरे राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, सभी राज्यों के हाइकोर्ट, बडे राजनैतिक दलों को भेजी ताकि सभी जान सके कि भारतीय अर्थव्यवस्था सबकुछ होते हुए कैसे मर रही हैं | इसे राष्ट्रपति के ईमेल आईडी से केन्द्रिय गृहसचिव को भेजा गया |
आगे पढ़ें
तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर जीर्णोद्धार एवं रखरखाव सरंक्षण कार्य प्रगति पर

• बीकेटीसी ने श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण संबंधी डीपीआर हेतु सीबीआरआई से संपर्क किया: हेमंत द्विवेदी
देहरादून/रूद्रप्रयाग: 11 अगस्त। समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात श्री तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार – रखरखाव हेतु श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) ने प्रयास तेज कर दिये है।
बीकेटीसी अध्यक्ष
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी श्री तुंगनाथ मंदिर के सरंक्षण एवं रखरखाव हेतु प्रतिबद्ध है।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) दिल्ली तथा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के निर्माण और विकासात्मक गतिविधियों के लिए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और सीबीआरआई द्वारा पहले भी श्री तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र का दौरा किया जा चुका है।
बताया कि सीबीआरआई की तकनीकी सहायता से बीकेटीसी द्वारा श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण,रखरखाव एवं निर्माण कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले माह बीकेटीसी ने सीबीआरआई को श्री तुंगनाथ मंदिर के रखरखाव संरक्षण हेतु निरीक्षण आख्या एवं उपचारात्मक उपायों की रूप रेखा प्रेषित करते हुए डीपीआर बनाने का अनुरोध किया था जिस पर कार्य गतिमान है।
तुंगनाथ के संरक्षण, रखरखाव परियोजना में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोजीत सामंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देबदत्त घोष, निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार और सीबीआरआई की विशेषज्ञ टीम शामिल है।
आगे पढ़ें
श्री केदारनाथ धाम में आज रात्रि को धूम धाम में मनाया भतूज पूर्णिमा पर्व।*
• *बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भतूज पर्व एवं रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी।*
श्री केदारनाथ धामः 8 अगस्त । केदारनाथ धाम में रक्षा बंधन से एक दिन पहले आयोजित होने वाले भतूज पूर्णिमा पर्व को मनाने की तैयारी चलती रही । भतूज के पर्व के अवसर पर भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को मध्यान रात्रि को नये अनाज अर्थात धान्य सहित पके चावलों से पंचगाई हकहकूकधारी नये अनाज अर्थात नवधान्य स्थानीय अनाज, कोणी, झंगोरा तथा नये धान के चावलों का पका भोग पूजा- अर्चना के पश्चात भगवान आशुतोष शिव को समर्पित किया ।उसके पश्चात ब्रह्म मुहुर्त को इस पके अनाज के भोग को स्वयंभू शिवलिंग से उतारकर मंदाकिनी नदी में प्रवाहित कर दिया ।
ढका गया उसके पश्चात श्रद्वालु ओं ने मंदिर के दर्शन किया ।ब्रह्म मुहुर्त में इन पके चावलों को मंदाकिनी नदी में प्रवाहित किया गया ।ऐसी मान्यता है कि श्रावण माह में लोक कल्याण के लिए भगवान शिव नये अनाज से विष का शमन करते है।
श्री बदरीनाथ- केदारनाथ- मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओ को भतूज पर्व एवं रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी है! उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व सबके जीवन में सुख- समृद्धि लाये।
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी तीर्थयात्रियों को भतूज तथा रक्षा बंधन की बधाई दी है।
भतूज पर्व के अवसर पर केदारनाथ में उत्साह रहा! बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में अवगत कराया कि हल्की बारिश के बीच केदारनाथ में मौजूद तीर्थ यात्री मंदिर में दर्शन करते रहे ! उसके पश्चात दोपहर बाद भतूज पूर्णिमा पर्व की तैयारियां शुरू की गई ।
।
भतूज पर्व के अवसर पर केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी,पंचगाई हक-हकूकधारी तीर्थ पुरोहित समिति अध्यक्ष धर्मेद्र तिवारी, राकेश तिवारी, राकेश त्रिवेदी,उमेश शुक्ला, सहित पुजारी बागेश लिंग प्रभारी अधिकारी गिरीश देवली, सहायक प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, धर्माचार्य औंकार शुक्ला,उमेश शुक्ला, संजय तिवारी,पारेश्वर त्रिवेदी, ललित त्रिवेदी,सूरज नेगी आदि मौजूद हैं।



