
बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण को लेकर विवाद ।
थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन
उत्तरकाशी |
बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण को लेकर चल रहा विवाद अब खुली टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। भूपेंद्र चौहान के घर के समीप कूड़ा ले जाकर नारेबाजी किए जाने की घटना के बाद बुधवार को माहौल और अधिक गरमा गया।
पालिकाध्यक्ष के समर्थन में सभासदों और सफाई कर्मचारियों ने थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कई दिनों से धरने पर बैठे आंदोलनकारी गोपीनाथ और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। देर शाम समर्थकों द्वारा हनुमान चौक पर आंदोलनकारियों के बिस्तर फेंके जाने की घटना से तनाव और बढ़ गया।
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने सुबह आंदोलनकारियों को थाने ले जाकर पूछताछ की। पालिका कार्यालय में भी सभासदों और कर्मचारियों ने अभद्रता के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट और फिर कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारियों को जेल भेजने की मांग की।
इसी बीच पालिकाध्यक्ष की पत्नी की ओर से भी थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी ओर आंदोलनकारियों का दावा है कि उन्होंने कोई अनुचित कार्य नहीं किया। उनका कहना है कि तांबाखानी से कूड़ा न हटने के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से एक पेटी में कूड़ा भरकर नारेबाजी की गई थी और वे किसी के आवास तक नहीं गए।
विवाद के बीच पालिका द्वारा शहर की स्ट्रीट लाइटें बंद रखे जाने और सफाई कार्य प्रभावित होने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और दोनों पक्षों को मिलकर शीघ्र समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहर में प्रकाश और सफाई व्यवस्था जल्द बहाल हो सके। फिलहाल समर्थक सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़े हुए हैं और मामला शांत होता नहीं दिख रहा है।

