मुख्यमंत्री ने प्रदान की 146.19 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भगवानपुर से राजकीय इंटर कॉलेज लामाचौड़ होते हुए कालाढूंगी मुख्य मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण के कार्य हेतु 3.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर की बागेश्वर शाखा के अन्तर्गत बोड़ी धुराफाट पम्पिंग योजना में पूर्ण कार्यों के साथ-साथ पम्पों/मोटरों की रेट्रोफिटिंग के लिए ऊर्जा कुशल सेंट्रीफ्यूगल पम्प सेटों की आपूर्ति और स्थापना हेतु 4.73 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद हरिद्वार के रोशनाबाद में अभियोजन विभाग के जनदीय निदेशालय हेतु कार्यालय एवं सदर मालखाने के निर्माण हेतु 7.07 करोड की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 40 प्रतिशत की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 से सम्बन्धित विभिन्न नवीन निर्माण कार्यों हेतु कार्यदायी संस्थाओं एवं लगभग 01 अरब, 13 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए इस वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ की धनराशि से टोकन राशि अनुपातिक रूप से निर्गत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड जल संस्थान (कुल 03 योजनाएं लागत 9.22 करोड) एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम (कुल 17 योजनाएं लागत 8.36 करोड) अर्थात कुल लागत 17.58 करोड की पेयजल/ग्रिड सोलर योजनाओं को नाबार्ड के अन्तर्गत स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
*मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीमती देवकी देवी पत्नी स्व0 श्यामदत्त तिवारी, निवासी किच्छा, जनपद उधम सिंह नगर को दिनांक 14.06.2017 से दिनांक 13.10.2022 तक 16 हजार प्रतिमाह पेंशन तथा दिनांक 14.10.2022 से 20 हजार प्रतिमाह बकाये सहित लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
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*आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के लिए हर स्तर पर सहयोग*
*एनडीएमए के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य श्री राजेंद्र सिंह ने उत्तराखण्ड में आपदा राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की*

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य श्री राजेंद्र सिंह ने आज उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का दौरा कर मानसून के कारण राज्य में हुई क्षति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया तथा भविष्य में आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने तथा राज्य में सुरक्षित और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि एनडीएमए उत्तराखण्ड को बिल्ड बैक बेटर की थीम पर आपदा सुरक्षित राज्य बनाने के लिए हर स्तर पर सहयोग को तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संकट से निपटने का साधन नहीं, बल्कि आपदा के बाद पुनर्निर्माण में टिकाऊ और पर्यावरण-संवेदनशील विकास सुनिश्चित करने का अवसर है।
बैठक के दौरान राज्य में हाल ही में संपन्न आईएमसीटी (इंटर मिनिस्टीरियल सेंट्रल टीम) के दौरे तथा जल्द होने वाले पीडीएनए (पोस्ट डिज़ास्टर नीड्स असेसमेंट) को लेकर चर्चा की गई। श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा के बाद व्यवस्थित आकलन आवश्यक है ताकि क्षति, प्रभावित लोगों की संख्या, बुनियादी ढांचे की स्थिति, आजीविका पर प्रभाव आदि का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके। यह आकलन पुनर्निर्माण, आर्थिक सहायता, दीर्घकालिक योजना और जोखिम न्यूनीकरण के लिए अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पीडीएनए के लिए टीम उत्तराखण्ड आएगी। पीडीएनए द्वारा वास्तविक क्षति के आकलन के आधार पर केंद्र द्वारा अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
श्री राजेंद्र सिंह ने सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में आई चुनौतियों तथा अपने अनुभवों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में मिली सीख को भविष्य की नीति बनाने, प्रशिक्षण, संसाधन योजना और तकनीकी सुधार के लिए अपनाया जाना चाहिए। दस्तावेजीकरण से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और अन्य राज्यों के लिए भी एक उपयोगी मॉडल तैयार होगा।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस वर्ष आपदा से लोगों की आजीविका पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य को लोगों की आजीविका को दोबारा से पटरी पर लाने तथा पुनर्निर्माण व न्यूनीकरण कार्यों के लिए भी एनडीएमए के स्तर से राज्य को व्यापक सहयोग की अपेक्षा है। इस अवसर पर अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी तथा यूएसडीएमए के विशेषज्ञ उपस्थित थे।
*राहत एवं बचाव अभियानों की सराहना की*
देहरादून। श्री राजेंद्र सिंह ने राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के तुरंत बाद प्रभावित लोगों को राहत राशि 24 से 72 घंटे के भीतर उपलब्ध कराना प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हर वक्त आपदा पीड़ितों के साथ खड़े रहना चाहिए, क्योंकि ऐसे समय में पीड़ितों ने अपना सब कुछ खोया होता है। उनकी मनःस्थिति, आर्थिक संकट और जीवन की अस्थिरता को समझना और उनके साथ संवेदनशीलता से जुड़ना आपदा प्रबंधन का मानवीय पक्ष है।
*नदी किनारे कस्बों की मैपिंग तथा रिस्क असेसमेंट जरूरी*
देहरादून। जोशीमठ में चल रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में भूस्खलन, ग्लेशियर झील फटना, अतिवृष्टि जैसी आपदाएं लगातार चुनौती देती हैं। उन्होंने नदी किनारे बसे कस्बों की मैपिंग कर रिस्क असेसमेंट करने को कहा, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जा सके और समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।
*आपदाओं के कारण न हो पलायन*
देहरादून। श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में आपदाओं के कारण लोगों का पलायन न हो, इसके लिए व्यापक कार्य योजना बनाई जाए। यह केवल आजीविका का प्रश्न नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। राज्य की सीमावर्ती स्थिति, पर्यटन पर निर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए यह आवश्यक है।
*शोध संस्थानों के साथ समन्वय जरूरी*
देहरादून। श्री राजेंद्र सिंह ने राज्य में स्थित शोध संस्थानों के साथ समन्वय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कई वैज्ञानिक संस्थान मौजूद हैं, जिनके अनुभव, तकनीकी संसाधनों और डेटा का उपयोग कर आपदा पूर्व तैयारी को मजबूत किया जा सकता है। पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पर्यटन और चारधाम यात्रा को आपदा जोखिम से मुक्त बनाना राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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*2027 कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्यों का मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने आज कुंभ मेल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।*
*मुख्य सचिव द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग नहीं लगाई गई है उन घाटों पर संबंधित अधिकारियों को रेलिंग लगाने के दिए निर्देश।*
*मुख्य सचिव द्वारा गौरी शंकर द्वीप,नमामि गंगे चंडी घाट, मोक्ष घाट,बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, पंतद्वीप,हरकी पौड़ी से मालवीय द्वीप होते हुए सीसीआर मेला कंट्रोल रूम का स्थलीय निरीक्षण किया।*
हरिद्वार 12 सितंबर 2025
2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण,दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण,बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चैनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण,आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण,नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए।इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं ।
जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंटकर मुख्य सचिव का स्वागत किया।
मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे,मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह,डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध,अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती,सचिव एचआरडीए मनीष सिंह,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा,एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह,अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता,अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के केंद्रीय अंश के रूप में राज्य को जारी किए 455 करोड़ 60 लाख रुपए*
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार*
केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के केंद्रीय अंश के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 455 करोड़ 60 लाख रुपए की धनराशि अग्रिम तौर पर जारी की है। उक्त धनराशि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस राशि को उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर मुश्किल समय में सहारा प्रदान किया है, इसके लिए उत्तराखंड की जनता प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभारी है।
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*मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा*
*हेली सेवा पुनः प्रारंभ होने से चारधाम यात्रा होगी सुगम*
*मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट में रात्रिकालीन हवाई सेवा आरंभ करने का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।
मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन हेतु मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों, स्टेक होल्डर,श्रीगंगा सभा एवं व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लिए गए सुझाव*
हरिद्वार 12 सितंबर 2025
2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए है तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम,महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध,मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह,एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा,एसपी सिटी पंकज गैरोला,अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती,सचिव एचआरडीए मनीष सिंह,उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान,सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान,अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़,अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी,महामंत्री दीपक मिश्रा,प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू,जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।
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मा उपराष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
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