तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर का रखरखाव जीर्णोद्धार, सरंक्षण कार्य
• *डीपीआर निर्माण से पहले सीबीआरआई टीम ने श्री तुंगनाथ पहुंचकर भू -तकनीकी सर्वे पूरा

श्री तुंगनाथ / रूद्रप्रयाग/ देहरादून: 31 अगस्त।समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात श्री तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार – रखरखाव हेतु श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) ने प्रयास तेज कर दिये है ।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान ( सीबीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने बीते शनिवार 30 अगस्त को श्री तुंगनाथ मंदिर के भू तकनीकी सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है सर्वे रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद डीपीआर बनायी जायेगा तथा रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर के अनुरूप रखरखाव संरक्षण का कार्य शुरू होगा।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के निर्माण और विकासात्मक गतिविधियों के लिए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुरोध पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है।
इससे पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और सीबीआरआई द्वारा भी श्री तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र का दौरा किया जा चुका है।
•प्रेषक मीडिया प्रभारी बीकेटीसी
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डिंडयाली होम स्टे व साधना के संगम में साईं सृजन पटल का विशेष विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न*_
*डोईवाला।*
सृजनशीलता, संस्कृति और साहित्य की अलख जगाने वाला साईं सृजन पटल लगातार नए मुकाम हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में मासिक पत्रिका के 13वें अंक का भव्य विमोचन सिरियों स्थित डिंडयाली होम स्टेक्स एवं ध्यान व साधना केंद्र में बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्य क्रम में मुख्य अथिति
नैथानी ने पत्रिका के बढ़ते प्रभाव और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि साईं सृजन पटल ने साहित्य, संस्कृति और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार किया है। उन्होंने कहा — आज के समय में इस तरह के मंच युवाओं और रचनाकारों को न केवल अवसर प्रदान कर रहे हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सृजन की लौ भी प्रज्वलित कर रहे हैं। बहुत ही कम समय में साईं सृजन पटल ने साहित्य, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। यह पत्रिका न केवल रचनाकारों को मंच देती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और नई पीढ़ी के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल का उद्देश्य रचनात्मक प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच देना है, जहाँ से वे अपनी अभिव्यक्ति समाज तक पहुँचा सकें। उन्होंने कहा — यह मंच साहित्य, कला, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है, और इसका श्रेय उन सभी सहयोगियों को जाता है जो इस यात्रा में लगातार जुड़े हुए हैं। एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार प्रकाशन के बाद यह 13वां अंक इस विश्वास को मजबूत करता है कि सामूहिक प्रयासों से समाज में ज्ञान, साहित्य और संस्कृति की नई धारा प्रवाहित की जा सकती है।
पत्रिका के उपसंपादक अंकित तिवारी ने कहा कि साईं सृजन पटल की हर यात्रा नए उत्साह और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा यह मंच न केवल लेखकों, बल्कि पाठकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। हमारी कोशिश है कि हर अंक समाज के विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करे। यह मंच हर आयु वर्ग के रचनाकारों के लिए खुला है। हमारी चाहत है कि समाज के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाएं सामने आएं और अपनी सृजनात्मकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। 13वां अंक हमारे सहयोगियों, पाठकों और मार्गदर्शकों के उत्साह व विश्वास का प्रतीक है।
इस अवसर पर पटल की नीलम तलवाड़, सहायक अध्यापक कौशिक तिवारी, हेमंत हुरला आदि उपस्थित रहे, जिन्होंने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की और साईं सृजन पटल की टीम को हार्दिक बधाई दी। प्रेस नोट
दिनांक : 31 अगस्त 2025
देहरादून देश के सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल, भाजपा सरकार की खोखली नीतियों का पर्दाफाश – NARI-2025 रिपोर्ट ने खोली पोल : करन माहरा
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की NARI-2025 रिपोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की असलियत को पूरी तरह सामने ला दिया है। इस रिपोर्ट में देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिना गया है। यह केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि हमारी बेटियों की टूटी हुई उम्मीदें, उनका डर और उनकी चीख है।
आज सवाल ये है कि जब राजधानी देहरादून ही महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है, तो बाकी पहाड़ और मैदान में रहने वाली बेटियों का क्या होगा? भाजपा सरकार ने महिला सुरक्षा को सिर्फ चुनावी जुमला बना दिया।
भाजपा सरकार की नाकामी साफ है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोज़ाना बढ़ रहे हैं। छेड़छाड़, उत्पीड़न, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा की घटनाओं पर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह विफल हैं।
“बेटी बचाओ” का नारा देने वाली भाजपा खुद बेटियों के अपमान की सबसे बड़ी दोषी बन चुकी है।
भाजपा नेताओं का काला चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भाजपा आज नैतिकता की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों का दामन दागदार है। सल्ट, लालकुआं, चंपावत और संतरेसा में भाजपा के पदाधिकारियों के नाम बलात्कार जैसे घिनौने अपराधों में सामने आए और इन पर बलात्कार के मुकदमें दर्ज हैं। और आज भी इनमें से भाजपा के कई पदाधिकारी ज़मानत पर बाहर हैं। हरिद्वार में भाजपा की ही महिला पदाधिकारी अपनी बेटी का शोषण करवाती रही। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री का बेटा शामिल था, लेकिन “वीआईपी” का नाम आज तक उजागर नहीं किया गया।
क्या यही है भाजपा का “बेटी बचाओ” अभियान? असलियत ये है कि भाजपा को बेटियों की नहीं, अपराधियों की चिंता है।
आज उत्तराखंड की हर मां पूछ रही है कि मेरी बेटी की सुरक्षा किसके भरोसे है ? जब सत्ता के संरक्षक ही अपराधी बन जाएँ तो इंसाफ कौन देगा? क्यों भाजपा अपराधियों को बचाने में जुटी है?
आज हर बेटी की आंखों में आंसू हैं और हर मां का दिल सवाल कर रहा है कि क्या भाजपा के राज में बहन-बेटियों को जीने का भी हक नहीं है?
यह भाजपा सरकार की असली तस्वीर है। सत्ता सुरक्षित है, लेकिन बेटियां असुरक्षित हैं। अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है, लेकिन पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल रहा है। जनता से किए गए हर वादे खोखले साबित हुए हैं। आज भाजपा सरकार का राज उत्तराखंड की महिलाओं के लिए भय का राज बन चुका है।
आज यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के राज में बेटी होना ही सबसे बड़ा अपराध है।
देहरादून का असुरक्षित शहरों की सूची में शामिल होना केवल रिपोर्ट नहीं है, यह भाजपा सरकार की नाकामी का चार्जशीट है।
भाजपा सरकार को याद रखना होगा कि बेटियों की चीख को दबाकर सत्ता की कुर्सी नहीं बचाई जा सकती।
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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी आज दिनांक 29 अगस्त पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS
,UTTRAKHAND) की प्रांतीय कार्यकारिणी ने आनलाइन बैठक प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली की अध्यक्षता में आहूत की गई,बैठक का संचालन प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने किया, प्रांतीय कार्यकारिणी की इस बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी के साथ साथ सभी जिला कार्यकारिणी,मंडल कार्यकारिणी और ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया, इसमें जिलाध्यक्ष अल्मोड़ा गणेश भंडारी ने स्पष्ट रूप कहा कि जनपद के साथ साथ प्रांत स्तर पर बड़े आंदोलन करने की मांग की। हरिद्वार जिलाध्यक्ष सुखदेव सैनी ने सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर कर प्रतिभाग करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।पौड़ी जिलाध्यक्ष अनूप जदली ने 5 सितंबर को होने वाले उपवास कार्यक्रम को सफल बनाने का आवाहन किया, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए तन मन धन से सहयोग करने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आवाहन किया
पुरानी पेंशन बहाली हेतु सभी जनपदों के पदाधिकारियों, मंडल के पदाधिकारियों ने एक बड़ा आंदोलन करने का आवाहन किया। प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी ने सोशल मीडिया पर भी आंदोलन को समर्थन देने की बात की।
5 सितम्बर2025 को उपवास कार्यक्रम,1 अक्टूबर 2025 को ट्वीटर कार्यक्रम, और 25 नवंबर 2025 दिल्ली चलो महारैली के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने आवाहन करते हुए कहा कि सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर के प्रतिभाग करेंगे और पुरानी पेंशन बहाली हेतु अपना अमूल्य योगदान देंगे। *अंत में हमारे शिक्षक साथी एवं पुरानी पेंशन के क्रांतिकारी,रा शि संघ के जिलाध्यक्ष पौड़ी बलराज गुसाईं जी के आकस्मिक निधन पर प्रांतीय कार्यकारिणी ने शोक व्यक्त किया।*
बैठक में प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा, प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह रावत, ब्लॉक अध्यक्ष रूचि पैन्यूली,
प्रांतीय प्रवक्ता सूर्य सिंह पंवार,संतोष गडोही, सुखदेव सैनी, अनूप जदली, मीनाक्षी कीर्ति, महिपाल सिंह चौहान, भारतेन्दु पंत, गोविंद मेहता,जय प्रकाश बिजलवाण,मदन बर्तवाल, गोविंद मेहता, राजू मेहरा, धीरेन्द्र पाठक,हरेन्द्र रावल, कमलेश पांण्डे,लक्ष्मण कोरंगा, जगदम्बा जोशी,
जीतेन्द्र पांडे,एस एस राणा। *डिंडयाली होम स्टे में सृजन व साधना के संगम में साईं सृजन पटल का विशेष विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न*
*डोईवाला।*
सृजनशीलता, संस्कृति और साहित्य की अलख जगाने वाला साईं सृजन पटल लगातार नए मुकाम हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में मासिक पत्रिका के 13वें अंक का भव्य विमोचन सिरियों स्थित डिंडयाली होम स्टे एवं ध्यान व साधना केंद्र में बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरविंद मोहन नैथानी ने पत्रिका के बढ़ते प्रभाव और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि साईं सृजन पटल ने साहित्य, संस्कृति और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार किया है। उन्होंने कहा — आज के समय में इस तरह के मंच युवाओं और रचनाकारों को न केवल अवसर प्रदान कर रहे हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सृजन की लौ भी प्रज्वलित कर रहे हैं। बहुत ही कम समय में साईं सृजन पटल ने साहित्य, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। यह पत्रिका न केवल रचनाकारों को मंच देती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और नई पीढ़ी के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल का उद्देश्य रचनात्मक प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच देना है, जहाँ से वे अपनी अभिव्यक्ति समाज तक पहुँचा सकें। उन्होंने कहा — यह मंच साहित्य, कला, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है, और इसका श्रेय उन सभी सहयोगियों को जाता है जो इस यात्रा में लगातार जुड़े हुए हैं। एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार प्रकाशन के बाद यह 13वां अंक इस विश्वास को मजबूत करता है कि सामूहिक प्रयासों से समाज में ज्ञान, साहित्य और संस्कृति की नई धारा प्रवाहित की जा सकती है।
पत्रिका के उपसंपादक अंकित तिवारी ने कहा कि साईं सृजन पटल की हर यात्रा नए उत्साह और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा यह मंच न केवल लेखकों, बल्कि पाठकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। हमारी कोशिश है कि हर अंक समाज के विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करे। यह मंच हर आयु वर्ग के रचनाकारों के लिए खुला है। हमारी चाहत है कि समाज के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाएं सामने आएं और अपनी सृजनात्मकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। 13वां अंक हमारे सहयोगियों, पाठकों और मार्गदर्शकों के उत्साह व विश्वास का प्रतीक है।
इस अवसर पर पटल की नीलम तलवाड़, सहायक अध्यापक कौशिक तिवारी, हेमंत हुरला आदि उपस्थित रहे, जिन्होंने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की और साईं सृजन पटल की टीम को हार्दिक बधाई दी। प्रेस नोट
दिनांक : 31 अगस्त 2025
देहरादून देश के सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल, भाजपा सरकार की खोखली नीतियों का पर्दाफाश – NARI-2025 रिपोर्ट ने खोली पोल : करन माहरा
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की NARI-2025 रिपोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की असलियत को पूरी तरह सामने ला दिया है। इस रिपोर्ट में देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिना गया है। यह केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि हमारी बेटियों की टूटी हुई उम्मीदें, उनका डर और उनकी चीख है।
आज सवाल ये है कि जब राजधानी देहरादून ही महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है, तो बाकी पहाड़ और मैदान में रहने वाली बेटियों का क्या होगा? भाजपा सरकार ने महिला सुरक्षा को सिर्फ चुनावी जुमला बना दिया।
भाजपा सरकार की नाकामी साफ है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोज़ाना बढ़ रहे हैं। छेड़छाड़, उत्पीड़न, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा की घटनाओं पर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह विफल हैं।
“बेटी बचाओ” का नारा देने वाली भाजपा खुद बेटियों के अपमान की सबसे बड़ी दोषी बन चुकी है।
भाजपा नेताओं का काला चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भाजपा आज नैतिकता की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों का दामन दागदार है। सल्ट, लालकुआं, चंपावत और संतरेसा में भाजपा के पदाधिकारियों के नाम बलात्कार जैसे घिनौने अपराधों में सामने आए और इन पर बलात्कार के मुकदमें दर्ज हैं। और आज भी इनमें से भाजपा के कई पदाधिकारी ज़मानत पर बाहर हैं। हरिद्वार में भाजपा की ही महिला पदाधिकारी अपनी बेटी का शोषण करवाती रही। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री का बेटा शामिल था, लेकिन “वीआईपी” का नाम आज तक उजागर नहीं किया गया।
क्या यही है भाजपा का “बेटी बचाओ” अभियान? असलियत ये है कि भाजपा को बेटियों की नहीं, अपराधियों की चिंता है।
आज उत्तराखंड की हर मां पूछ रही है कि मेरी बेटी की सुरक्षा किसके भरोसे है ? जब सत्ता के संरक्षक ही अपराधी बन जाएँ तो इंसाफ कौन देगा? क्यों भाजपा अपराधियों को बचाने में जुटी है?
आज हर बेटी की आंखों में आंसू हैं और हर मां का दिल सवाल कर रहा है कि क्या भाजपा के राज में बहन-बेटियों को जीने का भी हक नहीं है?
यह भाजपा सरकार की असली तस्वीर है। सत्ता सुरक्षित है, लेकिन बेटियां असुरक्षित हैं। अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है, लेकिन पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल रहा है। जनता से किए गए हर वादे खोखले साबित हुए हैं। आज भाजपा सरकार का राज उत्तराखंड की महिलाओं के लिए भय का राज बन चुका है।
आज यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के राज में बेटी होना ही सबसे बड़ा अपराध है।
देहरादून का असुरक्षित शहरों की सूची में शामिल होना केवल रिपोर्ट नहीं है, यह भाजपा सरकार की नाकामी का चार्जशीट है।
भाजपा सरकार को याद रखना होगा कि बेटियों की चीख को दबाकर सत्ता की कुर्सी नहीं बचाई जा सकती।
करन माहरा
प्रदेश अध्यक्ष
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी आज दिनांक 29 अगस्त पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS UTTRAKHAND) की प्रांतीय कार्यकारिणी ने आनलाइन बैठक प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली की अध्यक्षता में आहूत की गई,बैठक का संचालन प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने किया, प्रांतीय कार्यकारिणी की इस बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी के साथ साथ सभी जिला कार्यकारिणी,मंडल कार्यकारिणी और ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया, इसमें जिलाध्यक्ष अल्मोड़ा गणेश भंडारी ने स्पष्ट रूप कहा कि जनपद के साथ साथ प्रांत स्तर पर बड़े आंदोलन करने की मांग की। हरिद्वार जिलाध्यक्ष सुखदेव सैनी ने सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर कर प्रतिभाग करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।पौड़ी जिलाध्यक्ष अनूप जदली ने 5 सितंबर को होने वाले उपवास कार्यक्रम को सफल बनाने का आवाहन किया, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए तन मन धन से सहयोग करने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आवाहन किया
पुरानी पेंशन बहाली हेतु सभी जनपदों के पदाधिकारियों, मंडल के पदाधिकारियों ने एक बड़ा आंदोलन करने का आवाहन किया। प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी ने सोशल मीडिया पर भी आंदोलन को समर्थन देने की बात की।
5 सितम्बर2025 को उपवास कार्यक्रम,1 अक्टूबर 2025 को ट्वीटर कार्यक्रम, और 25 नवंबर 2025 दिल्ली चलो महारैली के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने आवाहन करते हुए कहा कि सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर के प्रतिभाग करेंगे और पुरानी पेंशन बहाली हेतु अपना अमूल्य योगदान देंगे। *अंत में हमारे शिक्षक साथी एवं पुरानी पेंशन के क्रांतिकारी,रा शि संघ के जिलाध्यक्ष पौड़ी बलराज गुसाईं जी के आकस्मिक निधन पर प्रांतीय कार्यकारिणी ने शोक व्यक्त किया।*
बैठक में प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा, प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह रावत, ब्लॉक अध्यक्ष रूचि पैन्यूली,
प्रांतीय प्रवक्ता सूर्य सिंह पंवार,संतोष गडोही, सुखदेव सैनी, अनूप जदली, मीनाक्षी कीर्ति, महिपाल सिंह चौहान, भारतेन्दु पंत, गोविंद मेहता,जय प्रकाश बिजलवाण,मदन बर्तवाल, गोविंद मेहता, राजू मेहरा, धीरेन्द्र पाठक,हरेन्द्र रावल, कमलेश पांण्डे,लक्ष्मण कोरंगा, जगदम्बा जोशी,
जीतेन्द्र पांडे,एस एस राणा।
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उत्तराखंड क्रांति दल जिला परवा दून का द्वि वार्षिक सम्मेलन श्यामपुर अनिल फार्म हाउस में संपन्न हुआ जिसमें चुनाव अधिकारी धनवीर सिंह गोसाई पर्यवेक्षक रविंद्र वशिष्ठ चुनाव प्रभारी जयप्रकाश उपाध्याय, जिला संयोजक केंद्र पाल तोपाल जिला संयोजक अधिवेशन की अध्यक्षता सनी भट्ट जी ने की जिला अध्यक्ष के लिए दो नामांकन प्राप्त हुए जिसमें दिनेश सेमवाल द्वारा प्रस्तावक अनुमोदक प्रथम और अनुमोदक द्वितीय उपस्थित नहीं
किए है।साथ ही पिछले दो महीने से भाजपा का सदस्य रहा। दल की सदस्य एक डेढ़ माह पहले ली जो कि उपयुक्त नहीं रहा।जिस कारण से उनका आवेदन अस्वीकार किया गया तथा आनंद सिंह राणा को जिला परवा दुन से जिला अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया साथ ही जिला महामंत्री पवन बिजल वान, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रवि कलूड़ा को चुना गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रमिला रावत विशिष्ट अतिथि मोहन सिंह असवाल पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी हरिद्वार कार्यक्रम का संचालन रविंद्र सेमल ने किया अधिवेशन में उपस्थित जबर सिंह पावेल ने अपने विचार रखें तथा संगठन को धरातल पर घर-घर जाकर जनता को जोड़ना होगा यूकेडी के बलिदान का या प्रदेश शहीदों की तपोभूमि शहीदों का स्वाभिमान एकमात्र उत्तराखंड क्रांति दल है सभा को संबोधित करते हुए मोहन सिंह असवाल ने कहा है कि अब हमें कुंभकरनी नींद से जागना होगा पूरा प्रदेश आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है अभी भी वक्त है क्षेत्रीय पार्टी को मजबूत करने का युवा साथियों से आवाहन किया कि अधिक से अधिक युवा पार्टी की सदस्यता लें आज दर्जनों युवाओं ने रवि के नेतृत्व में उत्तराखंड क्रांति दल की सदस्यता ली । अधिवेशन में उपस्थित ज्ञान सिंह रावत शशि बंग वाल, मंजू , सरिता , उषा चौहान, सरिता चौहान, वीरा देवी, गंगा लिंगवाल गोकुल रावत रवि जैन मंगल पोखरियाल,जसवीर अनीता कोटियाल वीरेंद्र नौटियाल, महेंद्र सिंह, अर्जुन नेगी,कलम पंवार,रोजी, राकेश भरत सरोला, अवतार सिंह, आदि उपस्थि रहें।


