योग भारतीय परंपरा का एक अनमोल उपहार है-सांसद निशंक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार के सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक  ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेशवासियों के स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी है।

  निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी ने 27सितंबर 2014 में योग दिवस के लिये आह्वान किया था जो अंतत:11 दिसंबर 2014 में घोषित हो गया। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी देश के द्वारा दिये गये प्रस्ताव को यू.एन. के द्वारा मात्र 90 दिनों में ही लागू कर दिया गया हो।  संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवनशैली योग के महत्व को स्वीकार करते हुए 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का निर्णय लिया, जो हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व की बात है। 

निशंक ने कहा कि  “योग भारतीय परंपरा का एक अनमोल उपहार है।” ये मस्तिष्क और शरीर की

एकता को संगठित करता है;विचार और कार्य; अंकुश और सिद्धि; मानव और प्रकृति के बीच सौहार्द; स्वास्थ्य और अच्छे के लिये एक अच्छी सोच है  । योग केवल व्यायाम के बारे में ही नहीं बल्कि विश्व और प्रकृति के साथ स्वयं एकात्मकता की समझ को खोजने के लिये भी है। अपनी जीवनशैली को बदलने और चेतना को उत्पन्न करने के साथ ही  ये जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में मदद कर सकता है। साथ ही  योग चिंता और तनाव से मुक्ति देता है। इसमें श्वास तकनीक, ध्यान प्रक्रिया और साधारण व्यायाम करने से ही व्यक्ति सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रहता है। अतः अपने आप में और योग में विश्वास रखे . सकारात्मक सोच के साथ सदेव योगाभ्यास करे .

 

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