राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) बेबसाईट पर पुराना पते से गुमराह किया जारहा है

देहरादून, उत्तराखंड में स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड)

ऊंची दुकान फीका पकवान 

अब काँच के भवन पर स्थित है साधरण व्यक्ति भूलभुलैया भवन में   मन मोहक दृश्य देखकर चक्कर लगाते थक जाते हैं। भवन अच्छी बस्तु तो मोल मिल जाती हैं 

रीजनल कार्यलय

होटल,सनराइज 113 /2  राजपुर रोड़ से देहरादून से p- 42 आई टी पार्क सहस्त्र धारा रोड़ स्थित भव्य गहरे आसमान के रंग के काँच के भवन पर चला गया है ।

परन्तु उनकी वेबसाइट पर यह पुराने पते पर चल रहा है।  यह जनता को गुमराह कर  रहा है।असली जनसरोकार के मतलब के मुद्दे छोटे  साप्ताहिक अखबार ही उठाया करते हैं ।

बड़े पनों के अखबार इन खबरों को जगह इसलिए नहीं देते हैं कि उनका जनसरोकार से ज्यादा मतलब अपने अखबार की मार्केटिंग से रहता है।मार्केट जो चाहते हैं या मालिक जो  चाहते हैं उस प्रकार की खबरों को परोसता है।

स्थानीय साप्ताहिक अखबार का सम्पादक, स्वामी आम जनता के साथ साथ रहता है तो उससे जनता सीधे जानने की ज्यादा अपेक्षा करती है ।

ऐसे ही संस्था ngo वाले ने हमसे जानना चाहा तो हमने it पार्क के  पते की जनकारी देदी ।जब उसने हमसे कहा कि वेबसाइट पर दूसरा पता है ।इस वेबसाइट की जनकारी से वह और हम हैरान हुये हैं।

जनता  को वास्तविकता में इसकी जनकारी के लिए  महा प्रबन्धक  चावला जी से वार्ता करनी चाही ।  इस बीच एक्सेज से फ़ोन पर बात करने के लिए कहा ।समय3बजकर 7 मिनट

महिला की आवाज आई ।उन्हें पूछा कि महाप्रबंधक बोल रहे हैं। हम महिला की आवाज सुनकर है रान हुए । कुछ दिन पहले मैं चावला जी से मिलने गया था।

फिर हमने सोचा जो आज सीटिंग होगा वही है । पर चावला जी हैं कैसे कहा दिया। उन्होंने कहा हां परतु उनके बदले किसी महिला ने जनरल मैनेजर कह कर  क्यों कहा दिया कि मैं जनरल मैनेजर बोल रही हूं। हमने 3बजकर48मिनट पर इस पते का वेबसाइट का उक्त फ़ोटो ले लिया

उन्होंने कहा कि बोले। मैने कहा “कि आपकी वेबसाइट पर आपका पुराना पता चल रहा है ।उसे ठीक करडीजयेगा” उन्होंने कहा कि वह तो ठीक करदिया है। हमने कहा कि ठीक नहीं हुआ है।इसके लिए बजट नहीं है क्या।

कहने का तात्पर्य यह है कि उत्तराखंड के प्रति काम करने की इच्छा शक्ति अधिकारी लोगों में कितनी है ।आसान शुद्ध तो मन्त्र भी सुद्ध होने लगते हैं।

कि यह वेबसाइट से दरसाता है कि ठीक करा दिया और ठीक हुआ है कि नहीं कोई देखने वाला नहीं है। इतना गैर जुमेदारी से अंग्रेजों ने भी भारत में रहकर काम नही किया है। जितना

अपने देश के नागरिक अच्छा ज्ञान प्राप्त करने ,रखने के बाद किसी विभाग के सेवक बनते हैं ।

अब उनकी इच्छा ही नहीं होगी तो कार्य कैसे सम्पन होंगे।उत्तराखण्ड में  अधिकारी  जनता के प्रति  सेवा भाव रखने के लिए समय पर सुभिधा उपलब्ध क्यों नहीं करा पाते हैं।यह अहम का प्रश्न विकास में बाधक है।उसके बाद का फ़ोटो

 (5.10 मिनट की फ़ोटो )देश के जुमेदारी के पद पर रहते हुए छोटी छोटी भूल में नहीं सुधार होगा तो इसकी गलती का धन बर्बाद कर जनता को ही खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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 देहरादून, पहाडोंकीगूँज , देहरादून में  ओलावृष्टि  से जन जीवन अस्तव्यस्त होगया है इस बार के ओला पढ़ने से  झण्डा साहिब के मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को जहां दिक़तों का सामना करना पड़रहा है ,वहीं गेहूँ की फसल खराब होगई है ।

मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे के लिए अलर्ट किया जारी

भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी जारी

देहरादून, उधमसिंहनगर, हरिद्वार और नैनीताल में भारी बारिश का अलर्ट

राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश की जताई संभावना

2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना।

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