गीतकार,गायक और संगीतकार  सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम दत्त पैन्यूली के निधन से अपूर्णीय क्षति

टिहरी गढ़वाल:प्रतापनगर के पनियाला गॉव रौनद रमोली के जाने माने गीतकार,गायक और संगीतकार  सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम दत्त पैन्यूली का रानीपोखरी के समीप एक स्कूटी सवार महिला द्वारा टक्कर लगने से 27 अप्रैल को अस्पताल में मौत हो गयी,उनके निधन पर क्षेत्र के लोगो ने शोक जताया,विभिंन दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी मौत को अपूरणीय क्षति बताया,बताते चलें स्व पुरुषोत्तम दत्त पैन्यूली के पुत्र संजय पैन्यूली बीजेपी टिहरी गढ़वाल के जिला मंत्री और पनियाला गॉव के प्रधान भी है।पुरुषोतम दत्त पैन्यूली कला और संगीत प्रेमी थे,एक शादी के लिए रानीपोखरी गये पैन्यूली को स्कूटी सवार ने टक्कर मारी जिससे उनके सिर पर गहरा आघात हुआ और वो बच न सके।अपने गीत संगीत की कला के लिए मशहूर पीडी पैन्यूली को गायक साहब के नाम से ही लोग जानते थे।क्षेत्र में रामलीला के उम्दा कलाकार और संगीतकार थे। लोक गायक के रूप में आकाशवाणी नजीबाबाद से अपने मधुर गीत सेमा को डंडो वांडा हेरा फाण्डा और मधु सुदामा सच्चितानन्द गीत और स्वार्थी मन्ख्यो दिदों मन्ख्यालि गवेले वाला सुप्रसिद्ध गीत राजनीति पर वास्तविक कटाक्ष वाला गीत काफी लोकप्रिय रहा, 1967 में टिहरी गढ़वाल में सीपीआई के विधायक गोबिंद सिंह नेगी के चुनाव में उनके द्वारा जनता को अपने गीतों के माध्यम से झूमने के लिए मजबूर  कर  जन आंदोलन में बदला था। वह प्रगतिशील किसान के रूप में भी जाने जाते है।छेत्र  में उद्योग को बढ़ाने के लिए उन्होंने महिलाओं के कष्ट कम करने के लिए चक्की लगाने के लिए कष्ट उठाने के लिए नहीं चूके। उत्तराखंड आन्दोलन में अग्रणी भूमिका में रहे और मुजफरनगर नगर कांड में 12 किमी पैदल चल कर अपनी जान बचाई थी,साथ ही राज्य प्राप्ति तक आंदोलन से जुड़े रहे,सामाजिक कार्यों मे सदैव आगे रहे । पीडी पैन्यूली का जन्म 4 दिसम्बर 1942 को रौंणद रमोली पट्टी के पनियाला गॉव में हुआ था जिनका निधन 27 अप्रैल को हुआ,उनके निधन से उनके सभी परिचित स्तब्ध है।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें एवं उनके परिवारीजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शान्ति।

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