उत्तराखंड का सही मायने में विकास के लिए पहाड़ी प्रदेश की राजधानी जनभावनाओं के अनुकुल गैरसैंण में होने से ही सम्भव हो पाएगा : कमलेश खंतवाल

उत्तराखंड का सही मायने में विकास के लिए पहाड़ी प्रदेश की राजधानी जनभावनाओं के अनुकुल गैरसैंण में होने से ही सम्भव हो पाएगा : कमलेश खंतवाल

देहरादून (गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान, संघर्ष स्थल (हिन्दी भवन के समक्ष) 11 नवम्बर 2018| आज *गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान* ने राज्य स्थापना दिवस में स्थाई गैरसैंण निर्माण को लेकर चल रहा धरना 56वें दिवस में प्रवेश कर गया| आज *गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान* द्वारा 17 सितम्बर 2018 से प्रारम्भ व जारी धरना को समर्थन देने आए *जन विग्यान आंदोलन से जुड़े नेता कमलेश खंतवाल* ने कहा उत्तराखंड के सही मायने में विकास के लिए पहाड़ी प्रदेश की राजधानी जनभावनाओं के अनुकुल गैरसैंण में होने से ही सम्भव हो पाएगा, मैं जन विग्यान आंदोलन की ओर से गैरसैंण राजधानी के पक्ष में समर्थन करता हूँ| इस अवसर पर धरना कार्यक्रम को समर्थन करने आए *श्री बी. के. धस्माना ने कहा कि गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान* को हम पूर्ण समर्थन देते हैं| उन्होंने कहा कि राज्य बनने के इतने सालों बाद भी पहाड़ों का विकास न हो पाने के कारण बढ़ता पलायन गैरसैंण राजधानी के रूप में ग्रामीणों की आक्रोशित आवाज है| 56वाँ दिवस के धरना कार्यक्रम को समर्थन देने वालों में आज *मनोज ध्यानी, खुशहाल सिंह बिष्ट, नीरज गौड़, पीसी थपलियाल, दर्शन रौतेला, इंद्र सिंह भंडारी, दिनेश ध्यानी, जयपाल सिंह रावत, दिगमोहन नेगी, सूरज रावत, कृष्ण काँत कुनियाल, सुभाष रतूडी, कैलाश चंद्र जोशी* आदि सम्मिलित रहे|

 

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