कैबिनेट मीटिंगः उत्तराखंड में बस किराया दोगुना

देहरादून। कोरोना की वजह से पस्त हो चुके परिवहन सेक्टर को सरकार ने आज बड़ी राहत दे दी। सरकार ने कोरेाना की वजह से 50 प्रतिशत क्षमता पर वाहन चलाने का मानक लागू रहने तक रोडवेज, निजी आपरेटर और सिटी बस का किराया दोगुना करने को मंजूरी दे दी।
गुरूवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय किया गया। इसके साथ ही सरकार ने फेरी, ठेली के जरिए कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों के के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित रोजगार योजना में दो प्रतिशत ब्याज सब्सिड़ी देने का निर्णय किया है।
साथ ही 20 हजार युवाओं को मोटर टैक्सी योजना के लिए सहकारी बैँक के मार्फत 60 हजार रुपये लोन देने और पहले दो साल का ब्याज खुद अदा करने का निर्णय भी किया है।सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते बताया कि आज 18 विभिन्न प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इनमें तीन को स्थगित कर दिया गया।
कैबिनेट प्रस्तावों से इतर कोरोना संक्रमण पर राज्य की स्थिति और कांवड़ यात्रा के आयोजन पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में साधारण बस का किराया पहाड़ के रूट पर 1.50 पैसे प्रतिकिलोमीटर है।
जबकि मैदानी रूट पर यह किराया 1.05 रुपये है। इसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। एसी बसों का किराया सवा से तीन गुना तक बढ़ाया गया है। सिटी बसों का किराया भी किलोमीटर स्लैब के अनुसार दोगुना करने को मंजूरी दे दी गई है।
अन्य फैसलों में राज्य सरकारी एवं सार्वजनिक चीनी मिलों के लिए बाजपुर में बनेगा पीपीपी मोड में एथनौल प्लांट, आपदा प्रबंधन अधिनियम की गाइड लाइन संशोधित, छोटे पुल ,पेयजल लाईन, चैक डेम, स्कूल भवन, सिंचाई नहर सुरक्षात्मक कार्य भी होंगे, उत्तराखण्ड मोबाईल टॉवर नियमावली संशोधित, किराया 500 रुपये से घटाकर शहर में 100 और गांवो में 50 रुपये किया, उत्तराखंड नर्स भर्ती नियमावली को मंजूरी , एग्रीग्रेट पॉलिसी को मंजूरी, ओला-उबेर की तर्ज पर बन सकेंगी एजेसियां, यात्री की सुरक्षा और लाइसेंस की शर्त भी तय आदि शामिल है। सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि किराया बढोत्तरी केवल कोरेाना संक्रमण काल के लिए ही मान्य होगी। वाहनों को 100 फीसदी क्षमता के साथ चलाने की अनुमति मिलने पर किराया में वृद्धि को समाप्त कर दिया जाएगा।

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