महंत गिरी महाराज हुए पंचतत्व में विलीन

महंत गिरी महाराज हुए पंचतत्व में विलीन
बड़कोट। उपराड़ी गांव में श्री सिद्धेश्वर मन्दिर के महंत गिरी महाराज पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। महंत गिरी महाराज का सोमवार रात देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। श्री गिरी महाराज ने बड़कोट तहसील के उपराड़ी गांव में श्री सिद्धेश्वर मन्दिर में अठारह पुराणों की कथा भी करवाई थी। वह हर साल उपराड़ी गांव में क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए अलग—अलग पुराणों की कथा का भव्य आयोजन करवाते थे। साथी समय-समय पर विभिन्न धार्मिक आयोजन करवाते रहते थे।उनके निधन पर यहां विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारतीय जनता पार्टी, व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री गिरी मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे। उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में संन्यास लेकर घर त्याग दिया था तथा यमुना घाटी में आकर राडी घाटी में कुटिया बनाकर मंदिर का निर्माण करवाया ।और उसके बाद वह बड़कोट के निकट उपराड़ी गांव जय सिद्धेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कुटिया बनाकर मन्दिर में लगभग 22 वर्षों से रह रहे थे एक महा से उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका देहरादून एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। व्यापार मण्डल के अध्यक्ष राजाराम जगूड़ी, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष चंडी प्रसाद बिजल्वाण, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष शांति बेलवाल, उत्तराखंड दिव्यांग सलाहकार समिति के सदस्य सुरेन्द्र रावत , मदन पैन्यूली , मनोज बंधनी, दिनेश बेलवाल,आशाराम उनियाल सहित क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।

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