भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम दिवस मनाया

 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम दिवस मनाया*राष्ट्रीय आजादी के वीर गढ़वाली सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित।*

कल एक मई क्रांति दिवस है ।देश मे रोजगार के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन की आवश्यकता है।तब यह दिवस नई क्रांति की चेतना की जोत है।

देहरादून 23 अप्रैल 2019| आज *गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान* का धरना *218वाँ दिवस* में प्रवेश कर गया| गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने आज *पेशावर काँड की 89वीं वार्षिकी पर वीर गढ़वाली सैनिकों की वीरता* को याद करते हुए देश की आजादी के सेनानियों को अपनी भावभीनी श्रद्दांजलि अर्पित की| पेशावर काँड को याद करते हुए इस अवसर पर कहा कि महात्मा गाँधी जी की डांडी यात्रा (12 मार्च 1930) और अहिंसा आंदोलन का सबसे बड़ा प्रभाव पर यदि सबसे महान उदाहरण कोई है, तो वह है *भारत से अभूतपूर्व प्रेम करने वाली गढ़वाली कौम* के द्वारा पेश की गई मिसाल व पथ प्रदर्शिका| सन् 1930 में 23 अप्रैल के दिन गढ़वाल के सैनिकों ने निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से इंकार कर दिया था| ब्रिटिश कमांडर ने जब आदेश दिया था *गढ़वालीज़ ओपन फायर – Garhwaleez Open Fire* जिसका अर्थ था गोली चलाएं, तो उसके प्रत्युत्तर मैं कंपनी कमांडर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने आदेश दे दिया था कि *गढ़वाली सीजफायर – Garhwaleez Cease Fire* जिसका अर्थ था गोली नहीं चलाएंगे| राष्ट्रीय आजादी की लिए लड़ रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाना वीर गढवाली सैनिकों को बिलकुल भी मंजूर नहीं था| गोली न चलाने के कारण तब वहां जलियांवाला बाग जैसी दुर्दांत और विभत्सकारी घटना घटित होने से बच गई| भारतीय आजादी के आंदोलन में इस प्रकार की अनुपम मिसाल और पड़ाव पर प्रत्येक भारतीय खासकर उत्तराखंड की वीर कौम को बडे गर्व की अनुभूति होनी चाहिए| और उन सभी गढ़वाली वीर सैनिकों जिन्होंने निहत्थों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया था और उसके एवज में अंग्रेजी हुकूमत का कड़ा दंड भुगतना पड़ा था, को प्रत्येक देशभक्त भारतीय को सिर झुका कर सौ-सौ सलाम बजाने चाहिए|
*पेशावर कांड 23 अप्रैल 1930* में *वीर चंद्रसिंह गढ़वाली* के अलावा जिन अन्य वीर सैनिकों को सजा भुगतनी पड़ी थी, उनकी सूची इस प्रकार से है:- 1. हवलदार नारायण सिंह गुंसाई, 2. नायक जीत सिंह रावत, 3. नायक भोला सिंह बुटोला, 4. नायक केशर सिंह रावत, 5. नायक हर​क सिंह धपोला, 6. लांस नायक महेंद्र सिंह नेगी, 7. लांस नायक भीम सिंह बिष्ट, 8. लांस नायक रतन सिंह नेगी, 9. लांस नायक आनंद सिंह रावत, 10. लांस नायक आलम सिंह फरस्वाण, 11. लांस नायक भवान सिंह रावत, 12. लांस नायक उमराव सिंह रावत, 13. लांस नायक हुकुम सिंह कठैत, 14. लांस नायक जीत सिंह बिष्ट, 15. लांस नायक सुंदर सिंह बुटोला, 16. लांस नायक खुशहाल सिंह गुंसाई, 17. लांस नायक ज्ञान सिंह भंडारी, 18. लांस नायक रूपचंद्र सिंह रावत, 19. लांस नायक श्रीचंद सिंह सुनार, 20. लांस नायक गुमान सिंह नेगी, 21. लांस नायक माधोसिंह नेगी, 22. लांस नायक शेर सिंह असवाल, 23. लांस नायक बुद्धि सिंह असवाल, 24. लांस नायक जूरासंघ सिंह असवाल, 25. लांस नायक राय सिंह नेगी, 26. लांस नायक दौलत सिंह रावत, 27. लांस नायक डब्बल सिंह रावत, 28. लांस नायक रतन सिंह नेगी, 29. लांस नायक श्याम सिंह सुनार, 30. लांस नायक मदन सिंह नेगी, 31. लांस नायक खेम सिंह गुंसाई।
गढ़वाल के जिन वीर सैनिकों को *अंग्रेजों ने कोर्ट मार्शल करके नौकरी से बाहर* कर दिया था, उनके नाम इस प्रकार है:- 1. लांस नायक पातीराम भंडारी, 2. लांस नायक पान सिंह दानू, 3. लांस नायक राम सिंह दानू, 4. लांस नायक हरक सिंह रावत, 5. लांस नायक लक्ष्मण सिंह रावत, 6. लांस नायक माधो सिंह गुंसाई, 7. चंद्र सिंह रावत, 8. जगत सिंह नेगी, 9. शेर सिंह भंडारी, 10. मान सिंह कुंवर, 11. बचन सिंह नेगी।
कुछ जवानों की सेवाएं समाप्त कर दी गयी थी। इनकी सूची इस प्रकार है:- 1. सूबेदार त्रिलोक सिंह रावत, 2. जयसिंह बिष्ट, 3. हवलदार गोरिया सिंह रावत, 4. हवलदार गोविंद सिंह बिष्ट, 5. हवलदार प्र​ताप सिंह नेगी, 6. नायक रामशरण बडोला।
आजादी आंदोलन के इन सभी वीर गढवाली सैनिकों को आज *गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान* के मंच पर *संघर्ष स्थल, देहरादून (उत्तराखंड)* में भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित की गई| व उनके प्रति कृतज्ञता का प्रकट किया गया| श्रद्धा अर्पित करने वालों में गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान, आरटीआई लोक सेवा (पंजी0), उत्तराखंड बेरोजगार संघ, अविरल गंगा अभियान की संचालनकर्ता संस्था जल बिरादरी, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संगठन, उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी संघ (पंजी0), यूसैक निष्कासित कर्मचारी संगठन, गढ़ सेवा संस्थान (पंजी0) आदि भारी संख्या में उपस्थित थे| पेशावर काँड के वीर गढ़वाली सैनिकों का स्मरण व अभिनंदन करने वालों में विजय सिंह रावत, सुश्री शीला रावत, श्रीमती सुमन डोभाल काला, संजय थपलियाल, कृष्णकांत कुनियाल, रविंद्र प्रधान, मनोज ध्यानी, भोपाल सिंह चौधरी, कमल काँत, सचिन थपलियाल, सोहन सिंह, किरण किशोर, संजय गुसांई, अखिलेश व्यास, जे.एस.जंगपांगी, प्रेम राम, आनंद सिंह पटाखी, जयंत कुमार, हर्ष बंदोली पूरन सिंह राणा, प्रेम दत्त खंडूरी, सुबोध कुमार प्रभात डंडरियाल, सुशील विरमानी, सुभाष रतूड़ी, सुमित चौधरी, सौरव रावल, मनोज कुमार बडोला, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, सुमित नेगी, राहुल लखेडा आदि बड़ी संख्या में समाज सेवी उपस्थित रहे|

कल एक मई क्रांति दिवस है ।देश मे रोजगार के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन की आवश्यकता है

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