आयोग ने कसा आनन्द बर्धन और शासन पर शिकंजा – मोर्चा

आयोग ने कसा आनन्द बद्र्वन और शासन पर शिकंजा – मोर्चा
मा0 न्यायालयों के सम्मान में ‘‘माननीय’’ शब्द का प्रयोग करने की दी शासन को हिदायत।
 श्री आनन्द वर्धन ने मा0 न्यायालय के सम्मान को पहुॅंचायी थी ठेस।
 सिंचाई मन्त्री की राय/मत न लेने पर भी दिये शासन को निर्देश।
विकासनगर- जनसंघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पीन्नी ने बताया कि सिंचाई /लो0नि0वि0 के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण को लेकर चल रहे मा0 उच्च न्यायालय व मा0 उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में शासन की पत्रावली में प्रमुख सचिव, सिंचाई व गृह  आनन्द बर्धन द्वारा मा0 न्यायालय की गरिमा में ठेस पहुॅंचाने का कार्य किया। इसमें श्री आनन्द बर्धन द्वारा दिनांक 27.07.2018 को अपनी टिप्पणी में मा0 उच्च न्यायालय व मा0 सुप्रीम कोर्ट के सम्बोधन में ‘‘माननीय’’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया, इसके साथ-साथ कई बार मा0 उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के निर्देशों, जिसमें कर्मचारियों को पेंशन प्रदान किये जाने इत्यादि के आदेश पारित किये गये, उनको लेकर कभी भी विभागीय मन्त्री से राय/मत नहीं लिया गया, यानि मन्त्री जी को पत्रावली के दर्शन तक नहीं कराये तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों द्वारा अपीलार्थी को उपस्थित होने की जबरदस्ती के चलते मा0 सूचना आयोग में दस्तक दी गयी थी।
मा0 मुख्य सूचना आयुक्त  शत्रुघन सिंह ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए शासन को मा0 न्यायालयों के सम्मान में ‘‘माननीय’’ शब्द के इस्तेमाल करने के निर्देश दिये तथा सिंचाई मन्त्री को पत्रावली न प्रस्तुत करने वाले मामले में स्पष्ट कर सूचना उपलब्ध कराने तथा अपीलीय अधिकारियों को अनुरोधकर्ताओं को अपील पर जबरदस्ती उपस्थित होने सम्बन्धी आदेश पर फटकार लगायी तथा सूचना अधि0 अधि0 का सम्मान करने की हिदायत दी।
मोर्चा का कहना है कि मा0 न्यायालय की गरिमा को ठेस नहीं पहुॅंचने देगा।

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