उत्तराखण्ड राज्य में एडवेन्चर टूरिज्म की बहुत सम्भावनाएं है-मुख्यमंत्री

ऋषिकेश:मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में मुनि की रेति ऋषिकेश स्थित गंगा रिजाॅर्ट में आयोजित पाटा एंडवेन्चर ट्रैवल एण्ड़ रिस्पाॅन्सिबिल टूरिज्म काॅन्फ्रेंस एण्ड मार्ट-2019 के समापन कार्यक्रम मे प्रतिभाग किया।  
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में एडवेन्चर टूरिज्म की बहुत सम्भावनाएं है। उन्होंने कहा कि एडवेन्चर ट्रैवल एण्ड़ रिस्पाॅन्सिबिल टूरिज्म काॅन्फ्रेंस एण्ड मार्ट के आयोजन से राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने कहा कि देश विदेश से आये सभी प्रतिभागियों को इस काॅन्फ्रेंस से लाभ मिलेगा तथा उत्तराखण्ड को जानने और समझने का अवसर भी मिलेगा। साथ ही हमें यह भी जानकारी मिल सकेगी कि पर्यटक हमसे क्या चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड के पर्यटन को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। साथ ही पर्यटन की नयी सम्भावनाओं को तलाशा जा सकेगा। उन्होने कहा कि इस प्रकार के आयोजनो से पर्यटन को बढावा तो मिलेगा ही पर्यटन से जुडे विभिन्न उद्योगों एवं गतिविधियो को भी बढावा मिलेगा।
प्रेस को संबोधित करते हुए पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर डॉक्टर मारियो हार्डी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के बीच संबंधों को और मजबूत करना तथा नए विचारों को उत्प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि देश विदेश के गतिशील और विविधता पूर्ण वक्ता समूहों को एक मंच पर लाकर नए विचारों पर चर्चा करना, उनका विश्लेषण करना और निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बीच योजना निर्माण तथा उत्तरदाई यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की स्थापना करना है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश तथा उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन के उज्जवल भविष्य को देखते हुए विदेशों से विक्रेता तथा क्रेता गण यहां पर पधारे हैं और यहां के सौंदर्य तथा पर्यटन संभावना को लेकर उनके बीच काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड पर्यटन का विशेष धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया.
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा राज्य को एडवेंचर टूरिज्म के एक अग्रसर गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से इस आयोजन की मेजबानी की दावेदारी पेश की गई, जिसे पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार तथा पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन द्वारा मंजूर कर लिया गया। एडवेंचर ट्रैवल ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, जोकि साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश की एक अग्रणी संस्था है, को इस आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से ‘नॉलेज पार्टनर’ के रूप में चयनित किया गया है।
पाटा एडवेंचर ट्रैवल एंड रिस्पांसिबल टूरिज्म कॉन्फ्रेंस एंड मार्ट के आयोजन की मेजबानी के लिए ऋषिकेश का चयन पाटा के प्रतिनिधियों द्वारा स्वयं यहां का स्थानीय भ्रमण करने के उपरांत किया गया है। यह तथ्य किसी से छिपा हुआ नहीं है कि इस चयन के पीछे ऋषिकेश में एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं अंतर्निहित हैं। इस त्रिदिवसीय इवेंट में एक ट्रैवल टूरिज्म कॉन्फ्रेंस तथा एकदिवसीय ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा नेटवर्किंग तथा नए संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से देश विदेश से पधारे आगंतुकों के लिए चैरासी कुटिया स्थित बीटल्स आश्रम में हेरिटेज वॉक तथा शिवपुरी में रिवर राफ्टिंग का भी आयोजन किया गया।
एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कैप्टन स्वदेश कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि साहसिक पर्यटन के लिए उत्तराखंड में सब कुछ मौजूद है मगर आवश्यकता इस बात की है कि देश विदेश आने वाले पर्यटकों के साथ विनम्रता पूर्ण आतिथ्य के साथ पेश आया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन, रेस्क्यू ऑपरेशन में दक्षता तथा साहसिक खेलों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण पर बल दिया।
आज आयोजित ट्रैवल मार्ट के दौरान क्रेताओं एवम विक्रेताओं को आमने-सामने बैठकर एक दूसरे की व्यावसायिक आवश्यकताओं को व्यक्त करने, समझने तथा भुनाने का अवसर प्राप्त हुआ. संभावनाओं, नव अनुसंधान एवं नवाचार आदि पर विस्तृत चर्चा की। आज ट्रैवल मार्ट के दौरान क्रेताओं एवम विक्रेताओं को आमने-सामने बैठकर एक दूसरे की व्यावसायिक आवश्यकताओं को व्यक्त करने, समझने तथा भुनाने का अवसर प्राप्त हुआ। ट्रैवल मार्ट के दौरान स्टॉल परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद पर्यटन व्यवसायियों के बीच काफी उत्सुकता देखने को मिली जो कि ऋषिकेश तथा उत्तराखंड में साहसिक खेलों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
 ज्ञातव्य है कि त्रिदिवसीय आयोजन के पहले दिन एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने एडवेंचर तथा ट्रैवल की संभावनाओं, नव अनुसंधान एवं नवाचार  आदि पर विस्तृत चर्चा की। ट्रैवल तथा एडवेंचर पर्यटन के इस वैश्विक मेले में 28 देशों के लगभग 300  प्रतिनिधियों  भाग  लिया। जिसमें  अमेरिका, थाईलैंड, कोरिया, जर्मनी, चीन, फ्रांस, स्पेन, कनाडा, यूक्रेन, तुर्की, आयरलैंड, यूनाइटेड किंग्डम, बुल्गारिया, ऑस्ट्रेलिया, इटली, रूस, पोलैंड और सिंगापुर  जैसे दुनिया के कुल 19 देशों के ट्रैवल एवं एडवेंचर पर्यटन क्षेत्र के अग्रणी 44 अंतर्राष्ट्रीय क्रेताओं, नेपाल, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया, म्यांमार और भारत के 47 विक्रेताओं और कतिपय विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं एवं डेलिगेट्स द्वारा भाग लिया गया। एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस में पर्यटन क्षेत्र के 17 वक्ताओं ने सतत पर्यटन, समावेशी पर्यटन, इको पर्यटन तथा पर्यटन अर्थव्यवस्था से संबंधित कई ज्वलंत विषयों पर अपने प्रेरक विचार रखे।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव  उत्पल कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पत्रकार बन्धुओं को निमंत्रण

परम् सम्मानित पोर्टल से दुनिया को समाचार पहुंचाने वाले मित्रों को सादर🙏 प्रणाम, जय बद्रीविशाल

साथियों
आपको आपके हौंसले को नमन करता हूँ कि सरकार पोर्टल के संपादक को सम्पादक नही मानती है।हमारा जूनन देखिये
कि tv से पहले आप जगत को अच्छे अच्छे समाचारों से रूबरू होने के लिए मजबूर करदेते हैं। दुनिया आप पर सही खबरों को लेकर विश्वास करने लगि है ।पर लोकतंत्र की सरकार अपनी जनता के विश्वास करने वाले पत्रकार बिन्दुओं को भरोसा में नहीं ले रही है।उन पर भरोसा नहीं करते उनको पत्रकार नहीं मानती ।जबकि असलियत यह है कि पोर्टल की खबर को सरकार भी देखने को मजबूर है । क्योंकि जो सही खबरें आप देते हैं वह बड़ा बैनर नहीं देता है ।इन सब पर भी सरकार आपको मान्यता नहीं देना चाहती हैं। क्योंकि हम प्रयास करने के लिए समय देने के लिए अपना मन मार रहे हैं। संघटित होकर कार्य कर नहीं रहे । अपने हित की लड़ाई के लिये समय भी नहीं दे पाते।
अपने अधिकार के लिए हमने ही आगे पहल करनी होगी। मीडिया ही हमारी लड़ाई को लेकर आगे बढ़ेगा ।यह हमारा विश्वास है।
इस कड़ी को आगे बढ़ाने की पहली पहल देव भूमि उत्तराखंड से कर हम लोग देश के लिए सँघर्ष करने वाले साथियों को जोड़ने का प्रयास करने जारहे हैं जिससे हमारे अन्य समाचार पत्रों में काम करने वाले साथियों को मिलनेवाली सुभीदा , अधिकारों का लाभः हमे मिले ।हमारी लोकतांत्रिक देश की चुनी हुई सरकार उसका हनन न करने पाय ।
आज देश को बचाने के लिए समाचार पोर्टल की बड़ी जुम्मेदारी है।
हम सब साथ मिलकर इस लड़ाई में विजय प्राप्त कर सकते हैं यही लोकतंत्र को जीवित रखने के लिये हमें अपने धर्म का पालन करना चाहिए । उत्तराखंड में पत्रकार पोर्टल को विज्ञापन देने की नीति के लिये जुलाई 2013 से नवम्बर 013 तक 11 बैठक कर पत्रकार उत्तराखंड में चल रहे संघठनों के साथियों के विचार लेकर पत्रकारों के हित की लड़ाई लड़ी है।तब पोर्टल को विज्ञापन मिलने की प्रक्रिया सुरु हुई यह अल्प अभिनव प्रयास रहा है।
इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हमने लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ उत्तराखंड वेव पोर्टल एसोसिएशन का गठन कर पहला प्रयास किया है। इसके आगे बढ़ाने के लिए सभी की राय लेकर सेवक को अध्यक्ष के रूप में मार्गदर्शन करने की जुमेदारी दी है।
आप सभी से अनुरोध है कि पोर्टल के लिए काम करने वाले मित्रों को अधिकार दिलाने का काम किया जाता रहे आप सभी से अनुरोध है कि आप हंसों के बीच में बगुले को जुमेदारी दी है। बिना भेदभाव के अपने समाज के लिए कुछ करने का मन बनाने का काम कर आने वाली पीढ़ी को अपने मनुष्य होकर मनन करने का प्रमाण अपने हित की लड़ाई लड़ने में समय का योगदान देकर एसोसिएशन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपनी इच्छा शक्ति का परिचय देकर एक जुट एक मुट्ठी में बंधे । भारत में समाज के हिसाब से कानून बनाया जाता है।उसके लिए मन मस्तिष्क से तैयार रहते हुए अपने को जीवित रखने का प्रयास करते रहना है। अपने अहम को त्याग करने से ही समाज की भलाई का अंग हम बनसकते हैं।
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