मन की बात-वीरेंद्र सिंह नेगी

मन की बात
बड़े दुख के साथ आज आपने मन की बात केहने जा रहा हू 2017 मे उत्तराखंड सरकार ने खेल महाकुंभ की शुरुवात की थी जिस दिन प्राइज distribute करने थे 95 scooty, 95 cycle आदि पुरस्कार खेल मंत्री ओर अधिकारी द्वारा खिलाडियों को प्रदान किए गए किसे मिले किसे नहीं मिले पुरूस्कार वो तो खिलाड़ी ही जानते हैं. लेकिन अवाज भी उठी थी कि मीडिया के माध्यम से की कई खिलाड़ी को पुरस्कार नहीं मिले.
2019 मे फिर खेल महा कुंभ 2018 – 19 का आयोजन हो रहा उत्तराखंड का एक ही अखबार हिंदुस्तान पेपर खेल महा कुंभ की कमियों की पोल रोज समाज को बता रहा है ओर खेल अधिकारी अपनी सफाई देने मे लगे हुए हैं.
पर एक बड़ी बात हमारे समज से परे है खेल मंत्री जी ने घोषणा की है उत्तराखंड का राज्य खेल फुटबाल खेल महा कुंभ मे जो भी फुटबाल टीम का खिलाड़ी जो अधिक गोल मारेगा उसे कार मिलेगी ओर अछा गोल कीपर होगा उसे मोटर साइकिल मिलेगी
अछि बात है कि पुरूस्कार अछे दिए जाएंगे लेकिन बाकी गेम के खिलाड़ी को क्या मिलेगा पता नहीं
आपको बता दे अगर जो भी फुटबाल टीम विजेता होगी उसके 18 खिलाड़ी ओर कोच मे केवल एक को कार ओर एक को मोटर साइकिल मिलेगी, बाकी खिलाड़ी जिनकी वजह एवं सहयोग से गोल होगा, जिनकी वजह एवं सहयोग से गोल कीपर velue होगी उनमे 16 खिलाड़ी ओर कोच को क्या मिलेगा ठन ठन गोपाल ? 
समझ मे नही आता कौन है वो खेल का अधिकारी मंत्री जी को ये सुझाव देता है.
क्या ऎसे खिलाड़ी को बढ़ावा मिलेगा
हमारा विचार है कि पूरी विजेता ओर उपविजेता टीम को कैश प्राइज देते ओर सभी अछे खिलाड़ी को चुनकर उनके भविष्य के लिए अछि कोचिंग, रहना खाना, शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए जिससे वो अपना भविष्य बना सके. 14 करोड़ रुपए खर्च सोच समझकर खिलाडियों पर ओर उनके भविष्य के लिए लगाने चाहिए.
4% स्पोर्ट्स कोटा होना चाहिए स्टेट के सरकारी विभाग मे.
खिलाडियों के विकास के लिए जीवन समर्पित
वीरेन्द्र सिंह रावत

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