दून नगर निगम को छोड़कर सब जगह खुले धार्मिक स्थल

दून। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के तहत आज से उत्तराखंड में स्थित मठ, मंदिर, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट खोल दिए गए हैं। हालांकि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में सभी पाबंदी पहले की तरह रही जारी रहेंगी। नैनीताल और भीमताल की होटल एसोसिएशन ने फिलहाल होटलों को न खोलने का फैसला किया है। आज सोमवार को करीब 80 दिन बाद चमोली जपनद में भक्त पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। यहां गोपीनाथ मंदिर में महिलाओं ने पूजा की और भगवान भोलनाथ का जलाभिषेक किया। वहीं श्रीनगर गढ़वाल में कमलेश्वर महादेव और नागेश्वर मंदिर बंद रहे। महंतों ने कोरोना संकट टलने के बाद ही मंदिर खोलने का निर्णय लिया है।
अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम और चितई मंदिर के कपाट नहीं खोले गए। इसके अलावा यहां अधिकांश मंदिर खुले। अल्मोड़ा में प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर के कपाट भी खोल दिए गए। पिथौरागढ़ में मंदिरों के खुलने पर नई फसल का भोग चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिरों में सामाजिक दूरी का पालन किया गया। यहां घंटेस्वर मंदिर में भी भक्तों ने पूजा अर्चना की। रुद्रपुर के गल्ला मंडी में पंचमुखी हनुमान मंदिर में लोगों ने पूजा की। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया गया। हल्द्वानी में भी मंदिर खुले। काशीपुर में भगवती बाल सुंदरी के चैती मैदान स्थित मंदिर के कपाट आज सुबह सात बजे भक्तों के लिए खोल दिए गए। मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही लोगों के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। वहीं देहरादून में पूरी तैयारियों के बीच धार्मिक स्थलों को आज खोला नहीं जा सका। शासन द्वारा कल रात को जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंदिरों को अग्रिम आदेशों तक बंद रखा गया है। शासन की गाइडलाइन में स्पष्टता की कमी होने के कारण असमंजस की स्थिति भी बनी रही। कैंट क्षेत्र में स्थित श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर को सुबह खोला गया। पूजा होने के बाद कुछ ही घन्टे बाद प्रशासन ने मंदिर को बंद करने के निर्देश दिए, जिसके तुरंत बाद मंदिर बंद करवा दिया गया। मंदिर समिति का कहना है कि उन्हें जानकारी थी सिर्फ नगर निगम क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को बंद रखा जाना है, जबकि मंदिर नगर निगम क्षेत्र में नहीं आता। लेकिन प्रशासन ने मंदिर को भी अग्रिम आदेश तक बंद रखने को कहा है।

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 4 के खत्म होने के साथ आठ जून से देशभर में अध्यात्मिक गतिविधियों के संचालन को हरी झंडी दे दी थी। आठ जून से धार्मिक स्थल, होटल और रेस्त्राओं को भी खोलने की बात कही थी, लेकिन इसपर अंतिम फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार पर छोड़ा गया है।
हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर खुलने के बाद पुजारी ने पूजा की। यहां श्रद्धालुओं के लिए एहतियात बरती गई है।

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